
केंद्र और राज्य सरकारें बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रही हैं, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई या शादी में बाधा न बने। ऐसी ही एक विशेष स्कीम के तहत गरीब परिवारों को बेटी के जन्म और शिक्षा के लिए नकद सहायता दी जा रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें परिवार को ₹50,000 की आर्थिक मदद के साथ-साथ ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा (Accident Insurance) भी मिलता है। सरकार का उद्देश्य न केवल बेटियों को सशक्त बनाना है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में उनके परिवार को सुरक्षा कवच प्रदान करना भी है। यह योजना उन माता-पिता के लिए एक बड़ा सहारा है जो अपनी लाडली के सुनहरे भविष्य का सपना देखते हैं।
महाराष्ट्र सरकार दे रही है बेटियों को सहारा, जानें 1 अप्रैल से लागू हुए नियम
महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित ‘माझी कन्या भाग्यश्री योजना’ का उद्देश्य राज्य में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा को सुरक्षित बनाना है। इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी, जिसे समय-समय पर अधिक समावेशी बनाया गया है। इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि यह केवल पहली बेटी तक ही सीमित नहीं है; यदि किसी परिवार में दो बेटियां हैं, तो उन दोनों को भी इस योजना का लाभ मिलता है। सरकार इस योजना के जरिए गरीब परिवारों की बेटियों के नाम पर बैंक में पैसा जमा करती है, जो उनकी उच्च शिक्षा और भविष्य के खर्चों में बड़ी मदद प्रदान करता है।
मां-बेटी के नाम खुलेगा जॉइंट अकाउंट
‘माझी कन्या भाग्यश्री योजना’ का लाभ केवल महाराष्ट्र राज्य के स्थायी निवासी ही उठा सकते हैं। इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें मिलने वाली राशि के लिए मां और बेटी का बैंक में जॉइंट अकाउंट (संयुक्त खाता) होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह आर्थिक सहायता सीधे इसी खाते में जमा की जाती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बेटी की बेहतर शिक्षा और उसके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए किया जा सकता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि पैसे का सही इस्तेमाल हो और बेटी की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
नसबंदी कराने पर मिलेंगे ₹50,000 और ₹1 लाख का बीमा
माझी कन्या भाग्यश्री योजना के तहत मिलने वाले फायदे बेहद शानदार हैं। इस योजना में मां और बेटी के जॉइंट अकाउंट पर ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा और ₹5,000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है। इसके अलावा, सरकार परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी प्रोत्साहन राशि देती है। यदि माता-पिता पहली बेटी के जन्म के बाद नसबंदी करवा लेते हैं, तो सरकार की ओर से ₹50,000 दिए जाते हैं। वहीं, यदि दो बेटियों के जन्म के बाद नसबंदी कराई जाती है, तो दोनों बेटियों के नाम पर ₹25,000-₹25,000 की राशि बैंक में जमा की जाती है। यह कदम बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ छोटे परिवार को भी बढ़ावा देता है।
आवेदन के लिए जरूरी हैं ये 6 दस्तावेज
इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास सही कागजात होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, माता या बेटी की बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। एक महत्वपूर्ण बात जो हर परिवार को ध्यान रखनी चाहिए वह यह है कि यह योजना केवल पहली दो बेटियों के लिए ही सीमित है। सरकार के जनसंख्या नियंत्रण नियमों के अनुसार, तीसरे बच्चे को इस योजना के तहत कोई लाभ नहीं दिया जाता है। इसलिए, यदि आप महाराष्ट्र के निवासी हैं और आपके घर दो बेटियाँ हैं, तो आप इन दस्तावेजों के साथ आज ही आवेदन कर अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
ऐसे करें आसानी से आवेदन
‘माझी कन्या भाग्यश्री योजना’ का लाभ लेने के लिए आपको महाराष्ट्र शासन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहाँ से आप योजना का आवेदन फॉर्म आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरने के बाद, अपने सभी आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार, आय और निवास प्रमाण पत्र) उसके साथ अटैच करें। तैयार किए गए इस आवेदन को अपने नजदीकी महिला एवं बाल विकास कार्यालय (WCD) में जाकर जमा करना होता है। एक बार जब विभाग आपके दस्तावेजों की पुष्टि (Verification) कर लेता है, तो योजना की राशि और बीमा के लाभ आपके खाते में भेज दिए जाते हैं।









