
लाखों घरों की रसोई का साथी LPG सिलेंडर अब डिजिटल सत्यापन के बिना अधूरा। केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने LPG e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) को अनिवार्य कर दिया है। यह आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रक्रिया गैस उपभोक्ताओं की पहचान को डिजिटल रूप से वेरीफाई करती है, ताकि सब्सिडी सही हाथों तक पहुंचे। PMUY (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) लाभार्थियों से लेकर सामान्य ग्राहकों तक, सभी को यह पूरा करना होगा।
e-KYC न करने पर क्या होगा?
यदि e-KYC न किया गया तो सबसे बड़ा खतरा है सब्सिडी रुकना। हर महीने बैंक खाते में आने वाली 800-900 रुपये की छूट बंद हो जाएगी, और आपको गैर-सब्सिडी दर पर 1200 रुपये से ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। धोखाधड़ी रोकना मुख्य लक्ष्य है- फर्जी या ‘घोस्ट’ कनेक्शन, डुप्लीकेट बुकिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगेगी। कई लोग घरेलू सिलेंडर को होटल या दुकानों में इस्तेमाल करते हैं, जिससे असली उपभोक्ता परेशान होते हैं। e-KYC से सिस्टम साफ होगा, और भविष्य में बुकिंग या डिलीवरी में रुकावट न आए।
सिलेंडर मिलना होगा आसान?
हां, लंबे समय में यह ‘लॉटरी’ साबित होगा। पारदर्शी डेटा से सप्लाई चेन मजबूत बनेगी, सिलेंडर की कमी कम होगी। अधिकारियों के मुताबिक, e-KYC वाले ग्राहकों को प्राथमिकता मिल सकती है, खासकर व्यस्त शहरों जैसे दिल्ली में। डिजिटल सुविधा से एजेंसी के चक्कर खत्म- सब कुछ घर बैठे। PMUY पोर्टल (pmuy.gov.in/e-kyc.html) पर QR स्कैन करें, या गैस ऐप से फेस स्कैन। इससे डिलीवरी तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
e-KYC कैसे करें?
- मोबाइल ऐप से (सबसे आसान): IndianOil ONE (इंडेन), HP Pay (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) या myBPCL Hello (भारत गैस) डाउनलोड करें। Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करें। रजिस्टर्ड मोबाइल से लॉगिन, आधार नंबर डालें, चेहरा स्कैन करें- 5 मिनट में डन!
- गैस एजेंसी पर: आधार कार्ड और पासबुक ले जाएं। वितरक बायोमेट्रिक (अंगूठा) लेगा।
- घर पर डिलीवरी के समय: डिलीवरी बॉय ऐप से फेस KYC करवा सकता है।
स्टेटस चेक mylpg.in पर। समस्या? हेल्पलाइन 1800-233-3555। स्मार्टफोन, इंटरनेट और अपडेटेड आधार जरूरी।
हालिया अपडेट्स और आंकड़े
2026 में लाखों कनेक्शन वेरीफाई हो चुके। तेल मंत्रालय ने चेतावनी दी-31 मार्च तक न करने पर सब्सिडी सस्पेंड। PMUY के 10 करोड़+ लाभार्थी सबसे प्रभावित। विशेषज्ञ कहते हैं, यह डिजिटल इंडिया का हिस्सा है, जो सालाना अरबों की बचत करेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता चुनौती। सरकार जागरूकता कैंप चला रही।









