
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर आम जनता को भरोसा दिलाया है। मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के बावजूद कंपनी ने साफ लफ्जों में कहा है कि भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन आईओसी ने जोर देकर कहा कि घरेलू जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। कंपनी के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि घबराकर एक्स्ट्रा बुकिंग करने से वितरण व्यवस्था पर दबाव पड़ेगा, जिससे जरूरतमंदों को परेशानी हो सकती है।
रोजाना 28 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी जारी
आईओसी के अनुसार, देशभर में रोजाना औसतन 28 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो सामान्य दिनों के बराबर है। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के हवाले से कंपनी ने पुष्टि की है कि वैश्विक संकट का असर घरेलू आपूर्ति पर नहीं पड़ा। मध्य पूर्व से भारत का 60 प्रतिशत एलपीजी आयात होता है, जिसमें अधिकांश हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। युद्ध के जोखिमों के बावजूद सरकार ने घरेलू उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है और अर्जेंटीना जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति दोगुनी कर ली है।
इससे न केवल स्टॉक भरपूर है, बल्कि भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता भी मजबूत हुई है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता सुनिश्चित की गई है।
अफवाहों से बचें, पैनिक बुकिंग न करें
अफवाहों के बाजार में आईओसी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी लें। घबराहट में हो रही पैनिक बुकिंग से डिलीवरी में देरी की शिकायतें बढ़ रही हैं। कंपनी का कहना है कि बिना जरूरत सिलेंडर जमा करने से कालाबाजारी को बढ़ावा मिलता है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें 87 प्रतिशत ट्रांजेक्शन एसएमएस, मोबाइल ऐप या आईवीआरएस के जरिए हो रहे हैं।
इसके अलावा, ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम ने गलत हाथों में सिलेंडर पहुंचने की आशंका को खत्म कर दिया है। डिलीवरी बॉय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड की पुष्टि करता है, जिससे प्रक्रिया सुरक्षित और तेज हो गई है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई का अभियान
कंपनी ने अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए 7,500 से अधिक निरीक्षण किए हैं। इनमें 141 वितरकों पर कार्रवाई हुई, जिनमें 5 को निलंबित किया गया। राज्य सरकारों और अन्य तेल कंपनियों के सहयोग से 68,000 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिसमें 855 एफआईआर दर्ज की गईं और 48,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त हुए। यह मुहिम जमाखोरी और ब्लैकमार्केटिंग पर शिकंजा कसने के लिए है, ताकि हर परिवार को समय पर गैस मिले। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी बुकिंग अंतराल बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन कर दिया है, जो आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित रखेगा।
उपभोक्ताओं के लिए राहत और भविष्य की राह
आईओसी का यह आश्वासन करोड़ों गृहणियों के लिए राहत की सांस है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल निगरानी और वैकल्पिक आयात स्रोतों से भारत ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है। उपभोक्ताओं से कंपनी की एक बार फिर गुजारिश है- शांति बनाए रखें, केवल जरूरत पर बुकिंग करें। इस तरह सामूहिक जिम्मेदारी से हम वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।









