
गन्ना किसानों को सशक्त बनाने और खेती को मशीनों से जोड़ने के लिए बिहार सरकार ने एक शानदार पहल की है। ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ (2025-26) के तहत तीसरे रैंडमाइजेशन (चयन प्रक्रिया) के माध्यम से जिले के 154 किसानों को चुना गया है।
इन भाग्यशाली किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर सरकार की ओर से 50 से 60 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और कम समय में ज्यादा पैदावार सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
इन 9 आधुनिक मशीनों से आसान होगी गन्ने की खेती
बिहार सरकार की गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत चयनित किसानों को 9 प्रकार के अत्याधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है। इन मशीनों को विशेष रूप से खेत तैयार करने से लेकर फसल की कटाई के बाद के प्रबंधन (रैटून मैनेजमेंट) तक के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इन आधुनिक औजारों की मदद से किसान न केवल खरपतवार नियंत्रण और कीटनाशकों का छिड़काव आसानी से कर पाएंगे, बल्कि इससे मेहनत और समय की भी बड़ी बचत होगी। सरकार का लक्ष्य इन मशीनों के जरिए खेती की लागत घटाना और गन्ने की पैदावार को और बेहतर बनाना है।
खेती में मशीनीकरण का बढ़ता महत्व
बदलते समय के साथ खेती के पारंपरिक तरीके अब काफी नहीं रह गए हैं। आज किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खेतिहर मजदूरों की कमी और खेती की लगातार बढ़ती लागत है। चूंकि गन्ना एक लंबी अवधि की फसल है, इसलिए इसमें समय पर खाद, छिड़काव और प्रबंधन करना बहुत जरूरी होता है।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि यंत्रीकरण (Agricultural Mechanization) एक जरूरत बन गया है। आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि मेहनत कम लगती है और मुनाफा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार किसानों को मशीनों पर सब्सिडी देकर प्रोत्साहित कर रही है।
मशीनी खेती के 4 बड़े फायदे
- मजदूरों पर कम निर्भरता: मशीनों से काम जल्दी होता है, जिससे लेबर की कमी आड़े नहीं आती।
- लागत में कमी: कम समय और कम संसाधनों में बेहतर परिणाम मिलते हैं।
- समय की बचत: बुवाई से लेकर कटाई तक के सभी कार्य सही समय पर पूरे होते हैं।
- ज्यादा मुनाफा: सटीक छिड़काव और बेहतर प्रबंधन से फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ती है।
इन 9 आधुनिक मशीनों पर मिलेगी भारी सब्सिडी
बिहार सरकार की गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत चयनित किसानों को खेती को आसान बनाने के लिए 9 महत्वपूर्ण यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इन मशीनों में जुताई के लिए रोटावेटर और डिस्क हैरो, खेत को समतल करने के लिए लेजर लेवलर, और खरपतवार हटाने के लिए पावर वीडर जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, छिड़काव के लिए हाइड्रॉलिक स्प्रेयर और छोटे खेतों के लिए मिनी ट्रैक्टर पर भी छूट दी जा रही है। इन यंत्रों का सबसे बड़ा फायदा गन्ने की पेड़ी (रैटून) के बेहतर प्रबंधन में मिलेगा, जिससे फसल की लागत कम होगी और गुणवत्ता में सुधार आएगा।
सब्सिडी पाने का पूरा प्रोसेस
गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत सब्सिडी पाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। सबसे पहले, विभाग द्वारा चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र (Approval Letter) जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद, किसान पोर्टल पर रजिस्टर्ड अधिकृत डीलरों से अपनी पसंद का कृषि यंत्र खरीद सकते हैं।
ध्यान रहे कि शुरुआत में किसान को मशीन की पूरी कीमत खुद चुकानी होगी। खरीदारी के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी यंत्र का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे। वेरिफिकेशन सफल होते ही सब्सिडी की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
जल्दी करें! 18 जनवरी तक ही है मौका
बिहार गन्ना उद्योग विभाग ने चयनित किसानों के लिए सख्त समय-सीमा (Deadline) जारी की है। विभाग के अनुसार, जारी किए गए सभी स्वीकृति पत्र (Approval Letters) केवल 18 जनवरी 2026 तक ही वैध हैं।









