
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 13 मार्च को असम के गुवाहाटी से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की। एक क्लिक पर देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2,000 की राशि हस्तांतरित कर दी गई। कुल ₹20,500 करोड़ की यह आर्थिक सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए वितरित की गई, जो किसानों को खेती-बाड़ी और दैनिक जरूरतों के लिए बड़ी राहत लेकर आई।
योजना के तहत हर साल ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह खबर स्वागतयोग्य है, लेकिन कुछ लोगों को अभी तक पैसा नहीं मिला। कारण? मुख्य रूप से ई-KYC अधूरी, आधार-बैंक लिंकिंग में त्रुटि, जमीन रिकॉर्ड वेरीफिकेशन लंबित या अपात्र श्रेणी (जैसे आयकर दाता, पेंशनभोगी) में होना। विशेषज्ञों के अनुसार, 21वीं किस्त (नवंबर 2025) ले चुके किसान स्वतः पात्र हैं, बशर्ते दस्तावेज अपडेट हों।
पैसे न मिलने पर तुरंत करें संपर्क
अगर आपके खाते में ₹2,000 नहीं जमा हुए, तो घबराएं नहीं। आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें: टोल-फ्री 155261 या 1800-11-55266, लैंडलाइन 011-24300606, 011-23381092, 0120-6025109। ये सेवाएं सोमवार-शुक्रवार सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक उपलब्ध हैं। ईमेल pmkisan-ict@gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराएं। स्थानीय लेखपाल या जिला कृषि कार्यालय से मदद लें।
स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। ‘Farmers Corner’ में ‘Beneficiary Status’ चुनें। आधार, बैंक खाता या मोबाइल नंबर डालें- स्थिति तुरंत दिखेगी। वैकल्पिक रूप से PM Kisan मोबाइल ऐप डाउनलोड कर लॉगिन करें। ऐप में सभी डिटेल्स उपलब्ध हैं।
ई-KYC क्यों जरूरी?
जिन किसानों ने ई-KYC नहीं कराया, उनके खाते में किस्त रुकी हुई है। पोर्टल पर OTP बायोमेट्रिक ऑप्शन फिलहाल बंद है, इसलिए नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर पूरा करें। CSC के अलावा कॉमन सर्विस सेंटर्स पर बायोमेट्रिक से यह प्रक्रिया फटाफट हो जाती है। अपडेट न होने से अगली किस्तें भी प्रभावित होंगी।
योजना का महत्व
पीएम किसान सम्मान निधि 2019 से चल रही है, जो छोटे-सीमांत किसानों को वित्तीय स्थिरता देती है। अब तक 22 किस्तों में अरबों रुपये वितरित हो चुके। सरकार का लक्ष्य सभी पात्र किसानों तक पहुंच सुनिश्चित करना है। हालांकि, तकनीकी खामियां और जागरूकता की कमी चुनौतियां बनी हुई हैं। किसान भाई सतर्क रहें, समय पर अपडेट रखें।









