
देशभर के करोड़ों किसान भाई-बहनों की निगाहें पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त पर टिकी हैं। पहले फरवरी अंत में आने की उम्मीद थी, फिर होली से पहले 2-2 हजार रुपये खातों में आने का अनुमान लगाया गया। लेकिन फरवरी गुजर गई, होली भी बीत चुकी है, और अब तक किसानों के बैंक खाते खाली पड़े हैं। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए शुरू की गई है, जिसमें हर साल 6 हजार रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब 13 मार्च को बड़ी घोषणा हो सकती है। दरअसल, पीएम मोदी असम यात्रा पर जाने वाले हैं, और इसी दौरे के दौरान 22वीं किस्त जारी करने का ऐलान संभव है। हालांकि, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पिछले अपडेट्स में मार्च के दूसरे-तीसरे सप्ताह का जिक्र था, जिसमें कुछ राज्यों में 3 मार्च से ट्रांसफर शुरू होने की बात कही गई। लेकिन देरी के पीछे e-KYC, आधार लिंकिंग और लाभार्थी सत्यापन जैसे कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटाबेस क्लीनअप के चलते यह प्रक्रिया लंबी खिंच रही है।
देरी के कारण और अपडेट्स
पीएम किसान पोर्टल पर अब तक 21 किस्तें वितरित हो चुकी हैं, कुल 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक। 22वीं किस्त में भी ₹2000 प्रति लाभार्थी DBT के जरिए सीधे खाते में आएंगे। देरी का एक बड़ा कारण बेंफिशियरी लिस्ट का अपडेट है। अमीर किसान, पेंशनभोगी और डुप्लिकेट एंट्रीज को हटाया जा रहा है। साथ ही, राजस्थान जैसे राज्यों में होली से पहले पायलट ट्रांसफर की चर्चा थी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी स्थगित है। किसान भाई अगर स्टेटस चेक करना चाहें, तो pmkisan.gov.in पर ‘Know Your Status‘ ऑप्शन से मोबाइल नंबर और OTP डालकर देख सकते हैं।
किन किसानों के खाते रहेंगे खाली?
सबसे दुखद यह है कि कई पात्र किसान इस लाभ से वंचित रहेंगे। सबसे पहले, जिन्होंने e-KYC पूरा नहीं किया या फार्मर ID नहीं बनाई, उनके खाते में पैसे नहीं आएंगे। आधार, बैंक डिटेल्स और भूमि दस्तावेज लिंक न होने पर भी समस्या होगी। अगर परिवार (पति-पत्नी-बच्चे) में एक से ज्यादा व्यक्ति लाभ ले रहे हैं, तो डुप्लिकेट हट जाएगा।
इसके अलावा, सरकारी नौकरी, आयकर भुगतान करने वाले, या अन्य योजनाओं से ₹10,000 मासिक पेंशन पाने वाले किसानों को अयोग्य घोषित किया जाता है। उदाहरणस्वरूप, यदि कोई किसान राज्य कर्मचारी बन गया या PPF जैसी बचत योजनाओं से पेंशन ले रहा है, तो PM किसान बंद। पिछली किस्तें अटकी हों, तो ₹4000 तक एकमुश्त मिल सकता है, लेकिन नए सिरे से सत्यापन जरूरी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल छोटे और सीमांत किसान ही पात्र हैं।
आगे की राह और सलाह
किसान भाई-बहन तुरंत CSC सेंटर जाएं या OTP आधारित e-KYC पूरा करें। मोबाइल ऐप डाउनलोड कर फार्मर ID बनाएं। देरी से परेशान न हों, क्योंकि ट्रांसफर एक बार शुरू होने पर तेजी से होगा। यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य का हिस्सा है, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया इसे और मजबूत बनाएगी। असम दौरे पर पीएम का ऐलान तय माना जा रहा है, तो 13 मार्च का इंतजार करें। कुल मिलाकर, 11 करोड़ से ज्यादा किसान परिवार लाभान्वित हो चुके हैं, और 22वीं किस्त जल्द खुशी लेकर आएगी।









