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किसानों की मौज! ₹36,000 की सरकारी सहायता से खरीदें बैलों की जोड़ी, मुफ्त टीकाकरण का ऐसे उठाएं लाभ

खेती की लागत कम करने का शानदार मौका! सरकार अब बैलों की जोड़ी खरीदने के लिए ₹36,000 की भारी सब्सिडी दे रही है। साथ ही पशुओं का बीमा और मुफ्त टीकाकरण भी मिलेगा। जानें कैसे मात्र ₹4,000 देकर आप इस योजना के हकदार बन सकते हैं।

By Pinki Negi

किसानों की मौज! ₹36,000 की सरकारी सहायता से खरीदें बैलों की जोड़ी, मुफ्त टीकाकरण का ऐसे उठाएं लाभ
बैलों की जोड़ी

झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत आने वाली ‘जोड़ा बैल योजना’ पलामू के किसानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत खासकर छोटे, सीमांत और आदिम जनजाति के किसानों को खेती के लिए दो बैल दिए जा रहे हैं।

आज के आधुनिक युग में भी पारंपरिक खेती के लिए बैलों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनकी मदद से किसान जुताई और बुवाई जैसे काम बिना किसी महंगे ट्रैक्टर या मशीनरी के कम लागत में कर सकते हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी खेती की लागत घटाकर उनकी आय में वृद्धि करना है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।

सिर्फ 4 हजार में मिलेगा 40 हजार का जोड़ा बैल

पलामू के जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने योजना की वित्तीय जानकारी देते हुए बताया कि जोड़ा बैल योजना आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। इस योजना के तहत बैलों की एक जोड़ी की कुल लागत ₹40,000 तय की गई है, जिसमें से सरकार ₹36,000 (90%) की भारी सब्सिडी दे रही है।

लाभुक किसान को अपने हिस्से के तौर पर मात्र ₹4,000 का योगदान देना होता है। इस मामूली खर्च में बैल पाकर किसान न केवल अपनी खेती को सुचारु बना सकते हैं, बल्कि ट्रैक्टर आदि के किराए पर होने वाले भारी खर्च को बचाकर अपनी शुद्ध कमाई को दोगुना भी कर सकते हैं।

बैलों की जोड़ी के साथ किसानों को मिल रही है पूरी गारंटी

सरकार की ‘जोड़ा बैल योजना’ केवल पशु उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों को पूरी मानसिक शांति और सुरक्षा भी देती है। योजना के तहत दिए जाने वाले बैलों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जाता है, जिसके लिए उनका नियमित टीकाकरण (Vaccination) अनिवार्य है।

इससे पशु बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और किसान की खेती में कोई रुकावट नहीं आती। इसके अलावा, सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन पशुओं का बीमा (Insurance) भी कराया जाता है। यदि किसी कारणवश किसी अनहोनी की स्थिति में पशु की मृत्यु हो जाती है, तो बीमा कवर के जरिए किसान को आर्थिक नुकसान से बचाया जाता है। यह दोहरी सुरक्षा किसानों के भरोसे को और मजबूत बनाती है।

पलामू में 47 किसानों को मिलेगा ‘जोड़ा बैल’ का लाभ

पलामू जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जोड़ा बैल योजना के तहत 47 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन वर्तमान में पात्र और योग्य किसानों की पहचान कर उन्हें इस योजना से जोड़ रहा है। यह योजना विशेष रूप से आदिम जनजाति के परिवारों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत जरिया बन रही है।

मात्र 10% के कम अंशदान, भारी सरकारी सब्सिडी, पशु बीमा और मुफ्त टीकाकरण जैसी सुविधाओं के साथ यह पहल न केवल खेती को आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव को भी मजबूत कर रही है। योग्य किसान तय प्रक्रिया को पूरा कर इस सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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