
सर्दियों का मौसम डेयरी किसानों के लिए चुनौतियों और अवसरों दोनों का समय होता है। कड़ाके की ठंड की वजह से पशुओं की ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा शरीर को गर्म रखने में खर्च हो जाता है, जिससे अक्सर दूध के उत्पादन में गिरावट आ जाती है। लेकिन यदि पशुपालक सही तकनीक और ‘एक्सपर्ट फॉर्मूला’ अपनाएं, तो बिना महंगे दाने के भी पशुओं से रिकॉर्ड तोड़ दूध लिया जा सकता है।
यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जो न केवल दूध बढ़ाएंगे बल्कि आपकी लागत को भी कम करेंगे।
1. शरीर का तापमान बनाए रखना (Water & Shelter)
सर्दियों में पशु को ठंडा पानी पिलाने से उसके शरीर का तापमान गिर जाता है और दूध कम हो जाता है।
- गुनगुना पानी: पशु को हमेशा हल्का गुनगुना पानी पिलाएं। इससे उनका पाचन सही रहता है।
- बिछावन का इंतजाम: फर्श पर पुआल या सूखी घास बिछाएं ताकि पशु को नीचे से ठंड न लगे।
- पर्दे का उपयोग: रात के समय गौशाला में जूट के बोरों या तिरपाल का पर्दा लगाएं, लेकिन वेंटिलेशन (हवा का रास्ता) भी खुला रखें।
2. दूध बढ़ाने वाला ‘एक्सपर्ट डाइट चार्ट’
महंगे बाजारू दाने के बजाय घर पर बना यह पौष्टिक मिश्रण दूध की मात्रा और फैट (मलाई) दोनों बढ़ाता है:
- कपासिया खली और मेथी: मेथी दाना पशु के गर्भाशय को साफ रखता है और दूध बढ़ाने में सहायक है। रोजाना 50-100 ग्राम मेथी दाना उबालकर खिलाएं।
- गुड़ और सरसों का तेल: ठंड से बचाने के लिए 250 ग्राम गुड़ और 50 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर खिलाने से पशु की ऊर्जा बनी रहती है।
- अनाज का मिश्रण: मक्का, जौ और चने का चूरा बराबर मात्रा में मिलाकर देने से पशु को भरपूर कैलोरी मिलती है।
3. ‘हरा चारा’ और ‘साइलेज’ का जादू
सर्दियों में बरसीम और जई जैसे हरे चारे प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं।
- संतुलित आहार: केवल हरा चारा न दें, इसमें सूखा भूसा जरूर मिलाएं। यह पाचन को धीमा करता है जिससे पोषक तत्व शरीर को ज्यादा मिलते हैं।
- प्रोटीन की मात्रा: बरसीम में प्रोटीन अधिक होता है जो दूध बढ़ाने के लिए सबसे सस्ता और प्रभावी विकल्प है।
4. मिनरल मिक्सचर है जरूरी
अक्सर किसान मिनरल मिक्सचर को नजरअंदाज कर देते हैं। रोजाना 50 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाला मिनरल मिक्सचर देने से पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और दूध उत्पादन में 10% तक का इजाफा देखा जा सकता है।
5. सरसों की खल का सही उपयोग
सर्दियों में सरसों की खल पशु के शरीर में गर्माहट पैदा करती है। इसे पानी में भिगोकर खिलाने से दूध में फैट की मात्रा बढ़ती है, जिससे डेयरी पर आपको बेहतर दाम मिलते हैं।









