
रबी और खरीफ की फसलों के दौरान अक्सर किसानों को यूरिया की किल्लत (किल्लत) का सामना करना पड़ता है। लंबी लाइनों और कालाबाजारी से किसानों को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने नैनो यूरिया (Nano Urea) को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब किसानों को नैनो यूरिया की खरीद पर 50% तक की अतिरिक्त सब्सिडी और छूट देने का प्रावधान किया गया है।
क्या है सरकार की नई ‘स्मार्ट’ गाइडलाइन?
सरकार ने खाद के असंतुलित उपयोग को कम करने और मिट्टी की उर्वरता बचाने के लिए ‘स्मार्ट’ गाइडलाइन जारी की है:
- नैनो यूरिया को प्राथमिकता: अब सोसायटियों और खाद केंद्रों पर पारंपरिक बोरी वाले यूरिया के साथ नैनो यूरिया का स्टॉक अनिवार्य कर दिया गया है।
- अतिरिक्त छूट (Extra Discount): किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नैनो यूरिया की बोतलों पर भारी छूट दी जा रही है। अगर आप नैनो यूरिया अपनाते हैं, तो लागत में पारंपरिक यूरिया के मुकाबले 50% तक की बचत होगी।
- ड्रोन स्प्रे सुविधा: सरकार ड्रोन के जरिए खेतों में नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए सब्सिडी भी दे रही है, जिससे समय और पानी दोनों की बचत होगी।
नैनो यूरिया के जबरदस्त फायदे
पारंपरिक बोरी वाले यूरिया के मुकाबले नैनो यूरिया कई मायनों में बेहतर है:
- कम मात्रा, अधिक असर: नैनो यूरिया की 500 ml की एक बोतल यूरिया की एक पूरी बोरी (45 किलो) के बराबर काम करती है।
- मिट्टी की रक्षा: यह मिट्टी की ऊपरी परत को खराब नहीं करता और सीधे पौधों की पत्तियों द्वारा सोख लिया जाता है।
- ढुलाई में आसान: बोरी ढोने की मेहनत खत्म! इसे आप आसानी से झोले में रखकर खेत तक ले जा सकते हैं।
- अधिक पैदावार: वैज्ञानिकों का दावा है कि नैनो यूरिया के इस्तेमाल से फसल की पैदावार में 8-10% की वृद्धि होती है।
किल्लत से कैसे मिलेगी मुक्ति?
अक्सर यूरिया की बोरी के लिए मारामारी होती है, लेकिन नैनो यूरिया का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बोरी वाले यूरिया पर निर्भरता कम की जाए। नई गाइडलाइन के तहत, खाद केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग का डेमो दें और उन्हें सस्ती दरों पर यह उपलब्ध कराएं।
कैसे उठाएं 50% छूट का लाभ?
- यह छूट सीधे आपके नजदीकी IFFCO केंद्र, सरकारी समितियों या PMKSK (प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र) पर मिलेगी।
- कई राज्यों में नैनो यूरिया की बोतल के साथ सुरक्षा किट या अन्य कृषि उत्पाद भी रियायती दरों पर दिए जा रहे हैं।









