
मार्च 2026 का अंतिम दिन आते ही उत्तर भारत पर कुदरत ने फिर से कहर बरपाया। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी ने तबाही मचा दी। पश्चिमी विक्षोभ के असर से किसानों की फसलें चौपट हो गईं, जबकि आकाशीय बिजली गिरने से कई जानें जा चुकी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने 31 मार्च और अप्रैल के पहले हफ्ते के लिए व्यापक अलर्ट जारी किया है।
मौसम प्रणालियों का विश्लेषण
दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान-अफगानिस्तान से उत्तर भारत पहुंचे हैं, जिससे 31 मार्च को अधिकतम गतिविधि का अनुमान है। कश्मीर घाटी में आज भारी बारिश या हिमपात हो सकता है। पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में ओलावृष्टि, जबकि उत्तर-पूर्व में 31 मार्च-1 अप्रैल को भारी वर्षा के साथ गरज-चमक व 30-50 किमी/घंटा तेज हवाएं चलेंगी। दक्षिण भारत में केरल सहित तटीय इलाकों में भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
दिल्ली-यूपी का हाल
दिल्ली में 31 मार्च को बादल छाए रहेंगे, दोपहर-शाम हल्की बूंदाबांदी संभव। अधिकतम तापमान 32-34°C, न्यूनतम 18-20°C रहेगा। हवाएं दक्षिण-पूर्व से 10-15 किमी/घंटा चलेंगी। उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत कई जिलों में हल्की-मध्यम बारिश, गरज और 30-50 किमी/घंटा हवाओं का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान में भी यही स्थिति बनी रहेगी। मेरठ जैसे शहरों में ओलावृष्टि से रबी फसलें प्रभावित हुई हैं।
अन्य क्षेत्रों का पूर्वानुमान
पश्चिमी हिमालय में 31 मार्च को हल्की-मध्यम वर्षा/बर्फबारी, 40-50 किमी/घंटा हवाएं। उत्तराखंड में 3-5 अप्रैल तक ओलावृष्टि का खतरा। पूर्वोत्तर में अरुणाचल, असम, मेघालय में भारी बारिश। बिहार, झारखंड, ओडिशा में 31 मार्च-3 अप्रैल गरज-चमक व 40-60 किमी/घंटा हवाएं। मध्य भारत (छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र) में ओलावृष्टि, दक्षिण में तेलंगाना-कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका।
नुकसान और सलाह
किसानों को फसलों को ढकने की सलाह, बाहर निकलते समय छाता रखें। तापमान में उतार-चढ़ाव से उत्तर-पश्चिम में 3-5°C गिरावट, मध्य भारत में स्थिरता फिर कमी। अप्रैल की शुरुआत राहत भरी रहेगी, लेकिन 4 अप्रैल के बाद गर्मी बढ़ सकती है। IMD के अनुसार, सतर्क रहें।









