
शेयर बाजार में हलचल मचाने वाली बड़ी खबर! रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अपनी टेलीकॉम दिग्गज जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO लाने की तैयारी में लगी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी मार्च 2026 के अंत तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सेबी के पास फाइल कर सकती है, जिसमें दिसंबर 2026 तक के वित्तीय आंकड़े शामिल होंगे। यह IPO भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर साबित हो सकता है, जिसमें 2.5% हिस्सेदारी बेचकर 4-4.5 अरब डॉलर (लगभग 33,000-37,000 करोड़ रुपये) जुटाए जा सकते हैं।
बैंकरों की टीम तैयार
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस ने IPO को मैनेज करने के लिए 17 प्रमुख बैंकों को नियुक्त किया है। वैश्विक स्तर पर मॉर्गन स्टैनली, HSBC होल्डिंग्स, JP मॉर्गन, सिटीग्रुप और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज शामिल हैं, जबकि घरेलू मोर्चे पर कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, JM फाइनेंशियल और SBI कैपिटल मार्केट्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे IPO की वैश्विक अपील साफ झलकती है। जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130-180 अरब डॉलर के बीच अनुमानित है, जो 2020 में मेटा और गूगल जैसी कंपनियों के 10 अरब डॉलर निवेश को ध्यान में रखते हुए तार्किक लगती है।
DRHP फाइलिंग का महत्व
DRHP क्या है? यह सेबी को जमा किया जाने वाला कानूनी दस्तावेज है, जिसमें IPO की सारी डिटेल्स, बिजनेस प्लान, वित्तीय स्थिति और जोखिमें उल्लिखित होती हैं। इसकी फाइलिंग के बाद रोडशो और प्राइस बैंड तय होगा। IPO 2026 की पहली छमाही में लॉन्च होने की संभावना है, जिसमें मौजूदा निवेशकों की सेकेंडरी सेल भी शामिल हो सकती है।
नए लिस्टिंग नियमों का फायदा
सरकार के हालिया बदलाव ने मेगा IPO को आसान बना दिया। पहले 5 लाख करोड़ वैल्यू वाली कंपनियों को 10% हिस्सा बेचना पड़ता था, लेकिन अब 2.5% ही काफी है। इससे अंबानी जैसे प्रमोटर्स अपना कंट्रोल बरकरार रख सकेंगे। जियो के 50 करोड़ ग्राहक, पूर्ण 5G कवरेज और डिजिटल सेवाओं पर फोकस इसे आकर्षक बनाते हैं, हालांकि Airtel से चुनौती बनी हुई है।
निवेशकों के लिए संभावनाएं
निवेशकों के लिए अवसर बड़ा है, लेकिन सतर्क रहें। RIL शेयर पहले ही चमक रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशक फायदे में रहेंगे। क्या यह बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा? इंतजार कीजिए!









