
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2026 के उन परीक्षार्थियों के लिए चेतावनी जारी की है, जिन्होंने आवेदन के दौरान पहचान के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है। ऐसे छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी करने के लिए एक विशेष ‘पहचान वेरिफिकेशन’ प्रक्रिया से गुजरना होगा। एजेंसी ने साफ किया है कि जिन्होंने पैन कार्ड, पासपोर्ट या अन्य आईडी का उपयोग किया है, उन्हें तय समय के भीतर अपनी पहचान वेरिफाई करानी होगी। अगर छात्र समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें परीक्षा में बैठने या एडमिट कार्ड प्राप्त करने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
जेईई मेन के छात्रों के लिए ‘पहचान वेरिफिकेशन’ की आखिरी तारीख
जेईई मेन 2026 के उन छात्रों के लिए 15 जनवरी आखिरी मौका है, जिनकी लाइव फोटो आधार (UIDAI) के रिकॉर्ड से मैच नहीं हुई है या जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के समय आधार के अलावा कोई और आईडी दी थी। एनटीए ने निर्देश दिया है कि ऐसे उम्मीदवार अपने पहचान प्रमाण (ID Proof) को पीडीएफ फॉर्मेट में पोर्टल पर अपलोड करें।
इसके साथ ही, उन्हें अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य (Principal) द्वारा प्रमाणित अपनी एक ताज़ा फोटो और हस्ताक्षर भी जमा करने होंगे। इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करना अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना आपकी पहचान को आधिकारिक रूप से मान्य नहीं माना जाएगा और परीक्षा में शामिल होने में दिक्कत आ सकती है।
अब तहसीलदार और डीएम से भी करा सकेंगे आईडी वेरिफिकेशन, जानें जेईई मेन की जरूरी तारीखें
जेईई मेन 2026 के उन छात्रों के लिए अच्छी खबर है जिन्हें सत्यापन अधिकारी (Verification Officer) ढूंढने में परेशानी हो रही थी। अब छात्र अपने पहचान प्रमाण को तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, एसडीएम, डीएम या किसी भी प्रथम श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी (Group-A Gazetted Officer) से सत्यापित करवा सकते हैं। एनआरआई (NRI) उम्मीदवारों के लिए भारतीय दूतावास के अधिकारियों से सत्यापन की सुविधा दी गई है।
याद रखें कि 21 जनवरी 2026 से परीक्षा शुरू होने जा रही है और परीक्षा केंद्र के शहरों की जानकारी जनवरी के पहले सप्ताह में ही जारी कर दी जाएगी। यह परीक्षा न केवल एनआईटी (NIT) और आईआईआईटी (IIIT) जैसे संस्थानों के लिए जरूरी है, बल्कि आईआईटी (IIT) के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड की पहली सीढ़ी भी है।









