
आज के डिजिटल युग में आधार कार्ड भारत का सबसे महत्वपूर्ण पहचान पत्र बन चुका है। यूआईडीएआई द्वारा जारी यह 12 अंकों का नंबर हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है, चाहे बैंकिंग हो, सब्सिडी हो या सरकारी सेवाएं। लेकिन कई गलतफहमियां भी हैं, जैसे आधार को नागरिकता प्रमाण मानना। यूआईडीएआई ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, न कि नागरिकता का।
आधार: पहचान, न कि नागरिकता
यूआईडीएआई की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आधार व्यक्ति की डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे नाम, पता, जन्मतिथि, फिंगरप्रिंट व आईरिस स्कैन पर आधारित होता है। यह नागरिकता साबित नहीं करता। कलकत्ता हाईकोर्ट में यूआईडीएआई ने पुष्टि की कि वैध रूप से भारत में रहने वाले गैर-निवासियों को भी आधार मिल सकता है। 2 अप्रैल 2026 को यूआईडीएआई के ट्वीट ने भी मिथक तोड़ा- आधार है #Identity का प्रमाण, न कि #Citizenship।
विदेशी नागरिकों के लिए आधार
सबसे बड़ा सवाल जो उठता है, वह है विदेशी नागरिकों का आधार। हां, वे बना सकते हैं, बशर्ते वे ‘रेजिडेंट फॉरेन नेशनल’ हों। यूआईडीएआई की वेबसाइट पर साफ कहा गया है कि नामांकन से ठीक पहले 12 महीनों में 182 दिन या इससे ज्यादा भारत में रहने वाले योग्य हैं। इसमें OCI कार्डधारक, लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) होल्डर, नेपाल-भूटान नागरिक और FRRO/FRO से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वाले शामिल हैं। उदाहरणस्वरूप, OCI धारक आसानी से आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि वे लंबे समय से भारत से जुड़े हैं।
आवेदन प्रक्रिया व दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया सरल लेकिन सख्त है। नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर फॉर्म 7 या 8 भरना होता है। दस्तावेजों में वैध पासपोर्ट, OCI कार्ड, वीजा, पता प्रमाण (जैसे PAN, ड्राइविंग लाइसेंस) और जन्म प्रमाण पत्र (2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए अनिवार्य) जरूरी हैं। बायोमेट्रिक्स जमा करने के बाद आधार जारी हो जाता है। NRI पर 182 दिन का नियम लागू नहीं होता, लेकिन विदेशियों के लिए यह अनिवार्य है। प्रक्रिया निःशुल्क है और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।
आधार की वैधता व लाभ
आधार की वैधता भी खास है। सामान्य नागरिकों के लिए आजीवन, लेकिन विदेशियों के लिए वीजा/पासपोर्ट की वैलिडिटी तक या OCI/नेपाल-भूटान केस में नामांकन से 10 साल। समाप्ति पर अपडेट कराना पड़ता है। यह सुविधा विदेशी निवासियों को बैंक खाता खोलने, मोबाइल कनेक्शन लेने या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करती है।
यूआईडीएआई का यह स्पष्टीकरण लाखों विदेशी निवासियों के लिए राहत है। गलतफहमियां दूर कर सही जानकारी से लोग अब सतर्क रहेंगे। डिजिटल इंडिया में आधार की भूमिका और मजबूत हो गई है।









