Tags

सोना-चांदी के बाद अब सभी ज्वेलरी प्रोडक्ट्स के आयात पर लगा कड़ा अंकुश! जानें सरकार ने अचानक क्यों लिया यह बड़ा फैसला

सरकार ने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के आर्टिकल्स के आयात पर सख्त नियंत्रण लगा दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू होगी और पहले से किए गए सौदों या भुगतान पर भी कोई छूट नहीं मिलेगी। इससे घरेलू ज्वेलरी उद्योग को संरक्षण मिलेगा और सस्ते इंपोर्टेड आभूषणों पर लगाम लगेगी।

By Pinki Negi

सोना-चांदी के बाद अब सभी ज्वेलरी प्रोडक्ट्स के आयात पर लगा कड़ा अंकुश! जानें सरकार ने अचानक क्यों लिया यह बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने सोना‑चांदी‑प्लैटिनम आधारित आभूषणों के आयात पर लगाई गई पहले की पाबंदी के बाद अब सभी ज्वेलरी प्रोडक्ट्स पर भी सख्त अंकुश लगा दिया है। गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के आर्टिकल्स के आयात पर तुरंत नियंत्रण लगा दिया गया है, जिससे ज्वेलरी और कीमती धातु व्यापार की पूरी वैल्यू‑चेन पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। सरकार का साफ‑साफ कहना है कि यह कदम मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के दुरुपयोग को रोकने और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।

तुरंत प्रभाव और बिना किसी छूट का रवैया

सरकार ने यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि आयातकों के लिए कोई “समय‑अवधि” या ट्रांजिशन पीरियड नहीं दिया गया। PTI‑भाषा के हवाले से जारी DGFT की अधिसूचना में साफ कहा गया है कि इस नियम का असर उन सौदों पर भी पड़ेगा, जिनके लिए पहले ही LC खुला हो, अग्रिम भुगतान किया जा चुका हो या शिपमेंट तय हो चुका हो।

यानी जो व्यापारी इन धातुओं के आयात पर निर्भर हैं, उन्हें भी अब नए नियमों के तहत लाइसेंस और अनुमति के बिना आयात नहीं करने दिया जाएगा। इससे बाजार में अचानक ही एक तरह की अनिश्चितता और हलचल पैदा हो गई है, क्योंकि कई लोग अपने पहले से चल रहे शिपमेंट्स को लेकर अब नए नियमों के दायरे में देख रहे हैं।

“अध्याय 71” के तहत सभी आर्टिकल्स पर नियंत्रण

इस नए फैसले के जरिए सरकार ने अध्याय 71 (CTH 71) के तहत आने वाले सभी उत्पादों की आयात नीति में बदलाव किया है। इस कैटेगरी में प्राकृतिक और संवर्धित मोती, कीमती व अर्ध‑कीमती पत्थर, सोना‑चांदी‑प्लैटिनम जैसी कीमती धातुएं, इनसे बने आभूषण, आर्टिफिशियल यानी नकली गहने और धात्विक सिक्के आदि शामिल हैं। यानी अब सिर्फ तैयार गहनों तक नहीं, बल्कि इन धातुओं से जुड़े लगभग सभी आर्टिकल्स पर आयात‑नियंत्रण लागू हो गया है। इससे साफ होता है कि अधिकांश वे आयातक जो FTA रूट के जरिए थाईलैंड या दूसरे देशों से “सस्ते में” कीमती धातु आयात कर रहे थे, उनके लिए अब रास्ता नाटकीय रूप से संकरा हो गया है।

एफटीए दुरुपयोग का चलन रोकने का मकसद

सरकार का मुख्य तर्क यह है कि कुछ आयातक भारत‑आसियान FTA जैसे मुक्त व्यापार समझौतों के दुरुपयोग के जरिए FTA‑बेनिफिट लेते हुए बिना रत्न‑पत्थर वाले आभूषण के नाम पर असल में कीमती धातुओं का आयात कर रहे थे। इन समझौतों के तहत कई प्रोडक्ट्स पर कम या शून्य शुल्क लगता है, जिसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारियों ने ऐसा सिस्टम बनाया था कि सस्ती लागत पर ज्वेलरी इंडस्ट्री में भारी प्रवेश हो, जिससे घरेलू निर्माताओं को भारी कंपटीशन मिला और सरकारी राजस्व को भी नुकसान हुआ।

नई नीति के जरिए सरकार चाहती है कि अब इन धातुओं के आयात पर पारदर्शिता बढ़े, जांच‑पड़ताल आसान हो और गलत दावों के जरिए FTA फ्रेमवर्क का दुरुपयोग बंद हो।

उद्योग की मिश्रित प्रतिक्रिया और भविष्य की चिंताएं

इस फैसले पर उद्योग जगत की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। अधिकतर घरेलू ज्वेलरी निर्माता और हस्तकला‑आधारित इकाइयां इसे सकारात्मक कदम मान रही हैं, क्योंकि अब उन्हें सस्ते इंपोर्टेड गहनों से मिलने वाला भारी दबाव कम हो सकता है। हालांकि, कुछ आयात निर्भर ज्वेलरी कारोबारी और दिल्ली‑मुंबई जैसे बड़े मार्केट्स के तिरंगे व्यापारियों के बीच चिंता और चर्चा बढ़ी है कि लाइसेंस‑आधारित प्रक्रिया से आयात धीमा होगा और सप्लाई‑चेन में देरी आ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर DGFT लाइसेंस प्रक्रिया को जटिल न रखे और ईमानदार आयातकों के लिए क्लीयर गाइडलाइंस जारी करे, तो इस नीति से गलत तरीके से हो रहे व्यापार पर लगाम तो लगेगी, लेकिन वैध और पारदर्शी व्यापार भी आसानी से जारी रहेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें