
भारत विविधताओं का देश है, जहाँ 28 राज्य, 8 केंद्र शासित प्रदेश और 800 से भी अधिक जिले हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से यहाँ जहाँ कुछ जिले बहुत विशाल हैं, वहीं कुछ बेहद छोटे और सिमटे हुए हैं। क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में एक ऐसा जिला भी है जो इतना छोटा है कि आप उसे पैदल या गाड़ी से मात्र 10 से 15 मिनट में पूरा घूम सकते हैं? यह जिला अपनी अद्भुत सीमाओं और छोटी सी बसावट के कारण पूरे भारत में चर्चा का विषय रहता है। आइए जानते हैं इस अनोखे और सबसे छोटे जिले के बारे में कुछ रोचक बातें।
सबसे ज़्यादा जिलों वाला राज्य
क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन जब बात जिलों की संख्या की आती है, तो यह देश में पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जो इसे प्रशासनिक रूप से भारत का सबसे बड़ा राज्य बनाते हैं। इतने अधिक जिलों की वजह से यहाँ की शासन व्यवस्था और क्षेत्रीय विविधता बेहद विस्तृत है।
भारत का विशालतम जिला
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा जिला गुजरात राज्य में स्थित कच्छ (कच्छ का रण) है। यह जिला इतना विशाल है कि इसका कुल क्षेत्रफल 45,674 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। अपनी अद्भुत भौगोलिक बनावट और सफ़ेद रेगिस्तान के लिए मशहूर यह जिला आकार के मामले में देश के कई छोटे राज्यों से भी बड़ा है।
भारत का सबसे नन्हा जिला जो केवल 9 वर्ग किलोमीटर में बसा है
भारत का सबसे छोटा जिला केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का माहे है, जिसे प्यार से ‘मय्याजी’ भी कहा जाता है। यह जिला इतना छोटा है कि इसका कुल क्षेत्रफल मात्र 9 वर्ग किलोमीटर है। भौगोलिक दृष्टि से यह केरल के तट से घिरा हुआ है और माहे नदी के मुहाने (जहाँ नदी समुद्र से मिलती है) पर स्थित है। अपनी छोटी सी सीमाओं और शांत वातावरण के कारण यह जिला पूरे भारत में एक अनोखी पहचान रखता है।
केरल की गोद में बसा एक अनोखा जिला
पुडुचेरी का माहे जिला अपनी भौगोलिक बनावट के कारण बेहद खास है। यह पूरी तरह से केरल राज्य की सीमाओं से घिरा हुआ है—इसके तीन तरफ कन्नूर जिला है और एक तरफ कोझिकोड। माहे नदी के मुहाने पर स्थित होने के कारण इसे “अरब सागर की भौंह” (Eyebrow of the Arabian Sea) के सुंदर नाम से भी जाना जाता है। महज 9 वर्ग किलोमीटर का यह छोटा सा इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत तटों के लिए मशहूर है।
माहे में आज भी दिखती है यूरोप की झलक
माहे सिर्फ अपनी छोटी सीमाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने समृद्ध इतिहास के लिए भी प्रसिद्ध है। इस जिले पर लंबे समय तक फ्रांसीसियों (French) का शासन रहा, जिसका गहरा प्रभाव यहाँ की वास्तुकला, खान-पान और जीवनशैली पर आज भी साफ़ दिखाई देता है। केरल की सीमाओं के बीच बसा होने के बावजूद, यहाँ की गलियों में आपको एक अलग ही सांस्कृतिक मेल देखने को मिलता है। यही ऐतिहासिक विरासत माहे को भारत के अन्य जिलों से बिल्कुल अलग और आकर्षक बनाती है।









