
प्राइवेट कूरियर और लॉजिस्टिक कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने इंडिया पोस्ट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने ‘पोस्ट ऑफिस (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026′ के जरिए ’24 स्पीड पोस्ट’, ’48 स्पीड पोस्ट’ और ’24 स्पीड पोस्ट पार्सल’ जैसी नई प्रीमियम सेवाओं को अधिसूचित किया है, जो भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है। कल यानी 17 मार्च 2026 से ये सेवाएं लागू हो जाएंगी, जिससे दस्तावेजों और पार्सलों की डिलीवरी अब 24-48 घंटे में गारंटीड हो जाएगी।
शुरुआती चरण में छह मेट्रो शहरों को लाभ
अधिसूचना के मुताबिक, सेवा की शुरुआत दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच होगी। ‘पोस्ट ऑफिस रेगुलेशन, 2024’ में संशोधन कर समयबद्ध डिलीवरी के लिए नए टैरिफ और श्रेणियां जोड़ी गई हैं। बाद के चरणों में राज्य राजधानियों और अन्य शहरों तक विस्तार होगा। जनवरी 2026 से चली आ रही ट्रायल प्रक्रिया सफल रही है, जो मूल रूप से छह महानगरों पर केंद्रित थी। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण कदम बताया है।
डिलीवरी गारंटी और परिवहन का तरीका
- 24 स्पीड पोस्ट: बुकिंग के अगले दिन (D+1) दस्तावेज गंतव्य तक पहुंचेंगे।
- 48 स्पीड पोस्ट: दो कार्य दिवसों में डिलीवरी सुनिश्चित।
- 24 स्पीड पोस्ट पार्सल: पार्सलों की अगले दिन डिलीवरी, मुख्यतः हवाई मार्ग से।
अगर सड़क मार्ग हवाई से तेज साबित हो, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। वजन सीमा 5 किलोग्राम तक है, शुल्क वॉल्यूमेट्रिक या ग्रॉस वजन (जो अधिक हो) पर आधारित। ये सेवाएं खुदरा ग्राहकों से लेकर कॉरपोरेट अनुबंधधारियों तक उपलब्ध होंगी। देरी होने पर पूरा शुल्क रिफंड मिलेगा, लेकिन सामान फिर भी पहुंचाया जाएगा।
अतिरिक्त सुविधाएं और सुरक्षा
नई सेवाओं में प्रूफ ऑफ डिलीवरी, घर-ऑफिस पिकअप, बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रजिस्ट्रेशन शुल्क प्रति आइटम 5 रुपये (GST अतिरिक्त) है। OTP आधारित डिलीवरी मुफ्त और अनिवार्य है, जो सुरक्षा बढ़ाएगी। मौजूदा स्पीड पोस्ट के वजन, आकार, सामग्री और मुआवजा नियम यथावत लागू रहेंगे। मेट्रो चार्जेस वॉल्यूम-बेस्ड होंगे, जिसमें प्रीमियम के लिए अतिरिक्त शुल्क संभव है- सटीक दरें डाकघर या वेबसाइट पर जांचें।
प्राइवेट कंपनियों पर असर
ब्लू डार्ट, DTDC जैसी कंपनियों का 24-48 घंटे डिलीवरी में दबदबा टूटेगा। इंडिया पोस्ट के 1,64,999 डाकघरों का विशाल नेटवर्क (फरवरी 2026 डेटा) ग्रामीण-शहरी पहुंच में बेजोड़ है। मुकाबले से प्राइवेट फर्मों को रेट कटने पड़ सकते हैं। 2029 तक डाक विभाग को लाभकारी बनाने का लक्ष्य यहीं से प्रेरित है। GDS कर्मचारियों पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि उसी दिन डिलीवरी जरूरी।
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
इमरजेंसी दस्तावेज या ई-कॉमर्स पार्सल अब सस्ते में तेज भेज सकेंगे। छोटे व्यापारियों का कारोबार बढ़ेगा, ग्राहक संतुष्टि सुधरेगी। कस्टमर केयर: 1800-266-6868 (सुबह 8 से रात 8 बजे); IVRS 24/7। शिकायत के लिए indiapost.gov.in या dpg.gov.in पर जाएं।









