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भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां मर्दों का आना है मना! सिर्फ महिलाएं संभालती हैं सारा काम

भारतीय रेलवे ने महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल कायम की है। मुंबई का माटुंगा रेलवे स्टेशन देश का पहला ऐसा स्टेशन है जिसे पूरी तरह महिलाएं चलाती हैं, जहां 41 महिला कर्मचारी ट्रेन संचालन से लेकर सुरक्षा तक सभी कार्य संभालती हैं। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज इस उपलब्धि के बाद जयपुर, नागपुर, अहमदाबाद और लखनऊ में भी ऐसे स्टेशन बनाए गए, जो नारी शक्ति का प्रतीक हैं ।

By Pinki Negi

भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां मर्दों का आना है मना! सिर्फ महिलाएं संभालती हैं सारा काम

भारतीय रेलवे ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया है। देश में ऐसे रेलवे स्टेशन मौजूद हैं जहां पुरुषों की कोई भूमिका नहीं है और पूरी जिम्मेदारी सिर्फ महिला रेलवे स्टाफ के कंधों पर है। ट्रेन के संचालन से लेकर स्टेशन मास्टर, सफाई कर्मचारी से लेकर सुरक्षा तक, हर मोर्चे पर महिलाएं ही तैनात हैं। यह पहल न केवल रेलवे क्षेत्र में बल्कि पूरे समाज में महिलाओं की क्षमता का लोहा मनवा रही है।

माटुंगा रेलवे स्टेशन

मुंबई का माटुंगा रेलवे स्टेशन भारत का पहला और सबसे प्रसिद्ध ऐसा स्टेशन है जिसे पूर्ण रूप से महिलाएं संभालती हैं। 12 जुलाई 2017 को इसे आधिकारिक तौर पर ‘महिला स्पेशल’ स्टेशन घोषित किया गया था । इस उपलब्धि को 2018 में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है ।

इस स्टेशन पर कुल 41 महिला कर्मचारी 24 घंटे कार्य करती हैं, जिनमें 17 बुकिंग क्लर्क, 6 आरपीएफ personnel, 8 टिकट चेकर, 5 प्वाइंट्समैन, दो रेलवे उद्घोषक और 2 सफाई स्टाफ शामिल हैं । सभी कर्मचारी स्टेशन मैनेजर ममता कुलकर्णी की देखरेख में काम करती हैं, जो 1992 में मुंबई डिवीजन की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी थीं ।

माटुंगा स्टेशन पर महिलाएं टिकट वितरण, परिचालन, रेलवे सुरक्षा बल, वाणिज्यिक गतिविधियों सहित ए से जेड तक सभी कार्य संभालती हैं । दिलचस्प बात यह है कि यहां तैनात महिला टिकट चेकर्स बिना टिकट यात्रा करने वाले पुरुषों से निपटने में भी पूरी तरह सक्षम हैं । हालांकि, रात के समय कभी-कभी चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन महिला स्टाफ ने कभी भी हार नहीं मानी और सभी मुसीबतों का डटकर सामना किया है ।

गांधीनगर रेलवे स्टेशन, जयपुर

माटुंगा की सफलता के बाद, राजस्थान की राजधानी जयपुर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन भी पूरी तरह से महिलाओं के अधीन आ गया । यह जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है, जहां रोजाना 7,000 से 10,000 यात्री आते-जाते हैं और 50 से अधिक ट्रेनें ठहरती हैं ।​

इस स्टेशन की खासियत यह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी इसकी सराहना की है, जिससे भारतीय रेलवे और पूरा देश गौरवान्वित हुआ है । यहां भी स्टेशन मास्टर से लेकर सफाई कर्मचारी तक सभी पदों पर महिलाएं तैनात हैं, जो छात्रों और महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देती हैं ।​​

अन्य महिला-संचालित स्टेशन

अजनी रेलवे स्टेशन, नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित अजनी रेलवे स्टेशन देश का तीसरा ऐसा स्टेशन है जिसे महिला कर्मचारी चलाती हैं । यहां रोजाना औसतन 6,000 से 8,000 यात्रियों की आवाजाही होती है ।​​

मणिनगर रेलवे स्टेशन, अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में स्थित मणिनगर रेलवे स्टेशन भी पूरी तरह से महिलाओं द्वारा प्रबंधित किया जाता है ।

चंद्रगिरि रेलवे स्टेशन, आंध्र प्रदेश: दक्षिण भारत में चंद्रगिरि रेलवे स्टेशन महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना हुआ है, जहां सभी कार्यभार महिलाएं संभालती हैं ।​

महिला सशक्तिकरण का मिसाल

भारतीय रेलवे की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाना और उनमें सांगठनिक योग्यता का विकास करना है । इन स्टेशनों पर काम करने वाली महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि कोई भी कार्य महिलाओं के लिए असंभव नहीं है। नारी ने यह भ्रम तोड़ दिया है कि महिलाएं भारी-भरकम काम नहीं कर सकतीं। आज महिलाएं रेलवे स्टेशन चलाने से लेकर जेट प्लेन उड़ाने तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

इन स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, महिला कर्मचारियों को कभी-कभी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनका आत्मविश्वास और समर्पण इस पहल को सफल बना रहा है । यह पहल न केवल रेलवे क्षेत्र में बल्कि पूरे समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक साबित हुई है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम कर रही है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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