
अगर आप मासिक 50,000 रुपये से अधिक किराया देते हैं, तो कल यानी 1 अप्रैल से लागू हो रहे नए आयकर नियम आपके लिए गंभीर चेतावनी हैं। आयकर अधिनियम 1961 की जगह नए आयकर अधिनियम 2025 अमल में आएगा, जिसमें Section 194-IB के तहत किरायेदारों को 2% टीडीएस काटना अनिवार्य होगा। अनुपालन न करने पर 1% मासिक ब्याज और 10,000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
Section 194-IB: नियम और दायरा
यह नियम व्यक्तिगत किरायेदारों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) पर लागू होता है, जो टैक्स ऑडिट (Section 44AB) के दायरे से बाहर हैं। मासिक किराया 50,000 रुपये या इससे अधिक होने पर पूरे वर्ष के किराए पर 2% टीडीएस काटना पड़ता है, जो अक्टूबर 2024 से ही प्रभावी है। उदाहरण के तौर पर, यदि मासिक किराया 75,000 रुपये है, तो सालाना 9 लाख पर 18,000 रुपये टीडीएस मार्च के किराए से काटें। PAN न होने पर दर 20% हो जाती है।
टीडीएस प्रक्रिया: कैसे करें जमा?
टीडीएस जमा करने की प्रक्रिया सरल है। चालान 281 से अधिकृत बैंक या e-filing पोर्टल पर जमा करें। Form 26QC में तिमाही घोषणा करें, जो स्वतः TDS रिटर्न बन जाता है। मकान मालिक को Form 16A जारी करें। वित्तीय वर्ष के अंतिम भुगतान पर 30 अप्रैल तक जमा अनिवार्य। मकान मालिक को इससे फायदा: Form 26AS में क्रेडिट मिलेगा, जो ITR में एडजस्ट होगा।
अन्य बदलाव: 1 अप्रैल से क्या नया?
नए नियमों का दायरा व्यापक है। 1 अप्रैल से ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह एकल ‘टैक्स ईयर’ (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) होगा। Form 16 की जगह Form 130 आएगा। HRA छूट के लिए किराया रसीद और मकान मालिक PAN जरूरी। मील कार्ड पर टैक्स-फ्री सीमा 50 से 200 रुपये प्रति मील बढ़ी। डिविडेंड पर ब्याज खर्च की छूट खत्म। ITR समयसीमा: वेतनभोगी 31 जुलाई, अन्य 31 अगस्त।
विशेषज्ञ सलाह और सरकारी मकसद
विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव अनुपालन आसान बनाएंगे, लेकिन किरायेदार सतर्क रहें। टैक्स विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने कहा, “Section 194-IB की अनदेखी से नोटिस और जांच हो सकती है। समय रहते e-filing करें।” करदाता इनकम टैक्स पोर्टल पर अपडेट चेक करें।सरकार का मकसद काले धन पर अंकुश लगाना है। अनुमानित 5 करोड़ किरायेदार प्रभावित होंगे। अनुपालन से मकान मालिक को पारदर्शिता मिलेगी। बदलते नियमों में सावधानी बरतें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है।









