
इनकम टैक्स के दोहरे रिजीम आने के बाद टैक्सपेयर्स कन्फ्यूज्ड हैं। नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) चुनने वालों को लगता है कि HRA, LTA और स्टैंडर्ड डिडक्शन जैसे बड़े फायदे खत्म हो गए। पुरानी व्यवस्था (Old Regime) में ये छूटें टैक्स बचाने का बड़ा हथियार थीं, लेकिन नई में कई गलतफहमियां फैली हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (AY 2026-27) से लागू अपडेट्स के अनुसार, नई रिजीम सरल स्लैब देती है, पर ज्यादातर डिडक्शन्स बंद। विशेषज्ञ कहते हैं- निवेश कम करने वालों के लिए नई बेहतर, बाकियों के लिए पुरानी।
नई vs पुरानी: मुख्य अंतर
2019 से शुरू नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट बन चुकी है। FY 2025-26 में नई रिजीम के स्लैब सरल हैं: 0-4 लाख पर 0% टैक्स, 4-8 लाख पर 5%, 8-12 लाख पर 10%, 12-16 लाख पर 15%, 16-20 लाख पर 20%, 20 लाख+ पर 30%। रिबेट से 12 लाख तक जीरो टैक्स।
पुरानी में स्लैब ऊंचे (5% से शुरू), लेकिन 70+ डिडक्शन्स। नई में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़कर 75,000 रुपये हो गया (पुरानी में 50,000), NPS एम्प्लॉयर योगदान (14%) और फैमिली पेंशन (25,000+10%) भी मिलते हैं। लेकिन HRA, LTA, 80C (PPF, ELSS, 1.5 लाख तक), 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) पूरी तरह बंद।
बंद हुईं लोकप्रिय छूटें
- HRA (हाउस रेंट अलाउंस): किराएदारों का सबसे बड़ा फायदा खत्म। पुरानी में न्यूनतम (बेसिक+DA का 50%, किराया-10%, वास्तविक HRA) तक छूट। नई में जीरो।
- LTA (लीव ट्रैवल अलाउंस): छुट्टियों की यात्रा पर टैक्स छूट बंद। हर चार साल में दो यात्राओं का लाभ अब पुरानी तक सीमित।
- अन्य: घर लोन ब्याज (सेल्फ-ऑक्यूपाइड पर 2 लाख), 80G (डोनेशन), मेडिकल इंश्योरेंस। सैलरीड को सबसे ज्यादा नुकसान, क्योंकि 70% इन पर निर्भर।
| छूट | नई व्यवस्था | पुरानी व्यवस्था | बचत उदाहरण (10L सैलरी) |
|---|---|---|---|
| HRA | नहीं | हां (50-60k) | 40-50k |
| LTA | नहीं | हां (25-50k) | 20k |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | हां (75k) | हां (50k) | 75k (नई बेहतर) |
| 80C (निवेश) | नहीं | हां (1.5L) | 46k |
कौन चुने कौन सी रिजीम?
10 लाख तक सैलरी पर नई रिजीम से 20-30% टैक्स बचत। लेकिन 15 लाख+ और भारी निवेश (5-7 लाख सालाना) पर पुरानी फायदेमंद- टैक्स 1-2 लाख कम। FY 2025-26 से नई में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा, जो सैलरीड के लिए राहत। गलतफहमी: स्टैंडर्ड डिडक्शन बंद नहीं, बल्कि बेहतर हुआ। कंसल्टेंट्स सलाह देते हैं- ITR फाइलिंग से पहले कैलकुलेटर यूज करें (incometax.gov.in)। सीनियर सिटिजन को नई में अतिरिक्त रिबेट।
सरकार की अपील और सलाह
आयकर विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया “नई चुनें तो सरल, पुरानी तो बचत।” बजट 2026 में कोई बड़ा बदलाव नहीं, पुरानी स्लैब जारी। टैक्सपेयर्स, फॉर्म 16 चेक करें, निवेश रसीदें रखें। देरी से पेनल्टी। विशेषज्ञ: “नई रिजीम मिडिल क्लास के लिए गेम-चेंजर, लेकिन घर लोन वालों को पुरानी स्टिक।” सही चुनाव से लाखों की बचत!









