
आयकर रिटर्न और टैक्स से जुड़ा कोई भी ईमेल इनबॉक्स में आते ही आम टैक्सपेयर्स के मन में चिंता होना स्वाभाविक है, खासकर जब उसमें किसी बड़े वित्तीय लेनदेन का जिक्र हो। हाल ही में देश के लाखों नौकरीपेशा लोगों, छोटे कारोबारियों और पेशेवरों के साथ ऐसा ही हादसा हुआ। 12-13 मार्च 2026 को आयकर विभाग की ओर से असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए ‘महत्वपूर्ण लेनदेन’ का हवाला देते हुए एक ऑटोमेटेड ईमेल भेजा गया। इसने कईयों के होश उड़ा दिए, क्योंकि ईमेल में उनके नाम से जुड़े कथित हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन दिखाए गए थे, जो वास्तविकता से कोसों दूर थे।
ईमेल में क्या था खास?
दरअसल, आयकर विभाग इन दिनों एडवांस टैक्स जमा करने के लिए एक ई-कैंपेन चला रहा है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स को उनके बड़े वित्तीय लेन-देन जैसे प्रॉपर्टी डील, शेयर ट्रेडिंग या हाई-वैल्यू खरीदारी की जानकारी देकर समय पर टैक्स भरने के लिए प्रेरित करना है। ईमेल में AIS (एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट) से लिंक जोड़कर कहा गया था कि ये लेन-देन एडवांस टैक्स के दायरे में आते हैं। लेकिन, सर्विस प्रोवाइडर की तकनीकी खराबी से गलत डेटा मैच हो गया।
नतीजा? कई टैक्सपेयर्स को दूसरों के ट्रांजेक्शन की डिटेल्स मिलीं, जिनका उनके PAN या बैंक अकाउंट से कोई लेना-देना नहीं था। सोशल मीडिया पर #IncomeTaxScam जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भी अलर्ट जारी किया।
विभाग ने मानी गलती, मांगी माफी
मामला तूल पकड़ते ही आयकर विभाग ने 13 मार्च को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @IncomeTaxIndia पर पोस्ट डालकर सफाई दी। विभाग ने कहा, “हमें कुछ टैक्सपेयर्स से AY 2026-27 एडवांस टैक्स ई-कैंपेन के तहत गलत जानकारी वाले ईमेल की शिकायतें मिली हैं। इसकी सूचना देने के लिए धन्यवाद, और असुविधा के लिए खेद है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ये ईमेल केवल रिमाइंडर थे, न कि कोई नोटिस या लीगल एक्शन। समस्या को सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर ठीक किया जा रहा है, और टैक्सपेयर्स से पुराने ईमेल इग्नोर करने की अपील की गई।
टैक्सपेयर्स क्या करें अब?
घबराहट की कोई जरूरत नहीं। विभाग ने सलाह दी है कि e-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर लॉगिन कर ‘कंप्लायंस पोर्टल’ के ‘e-कैंपेन’ टैब से वास्तविक लेन-देन वेरीफाई करें। अगर कोई डिस्क्रेपेंसी लगे, तो ऑनलाइन फीडबैक सबमिट करें। स्कैमर्स से सावधान: आधिकारिक ईमेल केवल @incometax.gov.in डोमेन से आते हैं, और कभी पर्सनल/बैंक डिटेल्स नहीं मांगते।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटना डिजिटल टैक्स सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती है, लेकिन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है। AY 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त 15 मार्च तक है, इसलिए समय पर चेक करें।
भविष्य में सबक
यह विवाद टैक्सपेयर्स को सिखाता है कि हर ईमेल पर भरोसा न करें। विभाग डेटा एनालिटिक्स पर निर्भर हो रहा है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियां अभी भी चुनौती हैं। नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल से लागू हो चुका है, जो प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा। टैक्सपेयर्स को नियमित AIS/TIS चेक करने की आदत डालनी चाहिए। कुल मिलाकर, विभाग की पारदर्शिता से भरोसा कायम रहेगा।









