
प्री-मानसून की दस्तक ने देश को हिला दिया है। 2025 का मानसून शानदार रहा, जहां कई राज्यों में सामान्य से 20-30% अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसकी अच्छी पैदावार हुई। लेकिन 2026 की शुरुआत में ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 से 21 मार्च तक उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर के 20 से अधिक राज्यों के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि, 70 किमी/घंटा तेज आंधी का ‘रेड-ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्री-मानसून गतिविधि गर्मी पर ब्रेक देगी, लेकिन फसलों, बुनियादी ढांचे और जनजीवन के लिए खतरा है।
उत्तर-पश्चिम में बाढ़-बर्फबारी का डर
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 18-21 मार्च को भारी वर्षा (64.5 मिमी+) और 40-50 किमी/घंटा हवाएं चलेंगी। हिमालयी इलाकों में बर्फबारी से सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं। IMD के अनुसार, पश्चिमी UP-उत्तराखंड में रेड अलर्ट है, जहां ओलावृष्टि से रबी फसलें चपेट में आ सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी आंधी-बारिश से ट्रैफिक प्रभावित होगा।
पूर्वी-मध्य में आंधी-ओलों की मार
मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, विदर्भ में गरज-चमक, 50-70 किमी/घंटा हवाएं और ओले गिरेंगे। बिहार-झारखंड के किसानों को गन्ना-गेहूं फसल नुकसान का खतरा है। IMD ने चेतावनी दी कि बिजली गिरने से जानमाल को खतरा है।
पश्चिम व दक्षिण में बादल फटने की स्थिति
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में भारी बारिश के साथ आंधी। दक्षिण में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, माहे, यनम, कराईकल में 40-50 किमी/घंटा हवाओं के साथ बौछारें। तेलंगाना-आंध्र में बाढ़ संभव।
पूर्वोत्तर में लगातार बरसात
मेघालय, मणिपुर, असम, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और बिजली। 21 मार्च तक छिटपुट वर्षा बनी रहेगी।
क्या करें आमजन?
IMD की सलाह: घर से बाहर न निकलें, बिजली के तारों से दूर रहें, फसलें सुरक्षित करें। NDRF टीमें अलर्ट पर हैं। किसान यूरिया का अतिरिक्त उपयोग टालें। यह अलर्ट पश्चिमी विक्षोभ से प्रेरित है, जो 22 मार्च के बाद शांत हो सकता है। कुल मिलाकर, प्री-मानसून ने मार्च को ‘मचिस का डिब्बा’ बना दिया- राहत और तबाही दोनों।









