
क्या आप अपनी LIC पॉलिसी को सरेंडर करना चाहते हैं तो आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी है। पॉलिसी सरेंडर करने के लिए आपको कुछ खास बातों को जानना बेहद जरुरी होता है। कई बार कुछ ऐसे कारण होते हैं जिससे पॉलिसीधारक को बीच में ही पॉलिसी बंद करनी होती है लेकिन इससे आपको बड़ा नुकसान भी हो सकता है। भारतीय जीवन बीमा निगम में कई प्रकार की पॉलिसी शुरू की गई है।
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पॉलिसी सरेंडर से जुड़े नुकसान क्या हैं?
पॉलिसी सरेंडर करने पर आपको निम्न प्रकार से नुकसान हो सकता है।
प्रीमियम से कम पैसा मिलेगा वापस- LIC पॉलिसी में जुड़कर यदि आप कुछ सालों के भीतर इसे बंद कर देते हैं तो आपको जमा प्रीमियम का कुछ प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाएगा, आपको बहुत कम पैसा मिलेगा। जब आप 3 साल का प्रीमियम भरते हैं तभी आपको पॉलिसी सरेंडर वैल्यू का लाभ मिलता है।
लाइफ कवर होगा खत्म- LIC पॉलिसी में आपको और आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा भी दी जाती है। पॉलिसी में निवेश करने के साथ आपको लाइफ कवर भी मिलता है। अगर आप बीच में ही पॉलिसी को बंद करते हैं तो आपका यह लाइफ कवर भी समाप्त हो जाएगा।
टैक्स लाभ का नुकसान- पॉलिसी सरेंडर करने के बाद धरा 80C के तहत आपको टैक्स लाभ नहीं मिलेगा। इसके आलावा आपको पगले की तुलना में अधिक टैक्स भी भरना पड़ सकता है।
इसके अलावा अन्य विकल्प क्या है?
किसी कारणवश यदि आप प्रीमियम नहीं भर पाते हैं तो पॉलिसी सरेंडर न करें, इसके अतिरिक्त आपको पेड-अप का विकल्प मिल जाएगा। इस विकल्प में आपको कम बीमा कवर मिलता है और आगे प्रीमियम नहीं भरना पड़ता।
