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ज्यादा बैंक खाते रखना फायदे का सौदा या बड़ा नुकसान? जानें आपके पास कितने अकाउंट होने चाहिए

बैंक खाते खोलना आज आसान है, लेकिन कितने पर्याप्त? भारत में कोई लिमिट नहीं- कितने भी सेविंग अकाउंट खोल सकते हैं। फायदे: लक्ष्य ट्रैकिंग, बचत अनुशासन, फ्रॉड सुरक्षा। नुकसान: मिनिमम बैलेंस चार्ज, 2026 ट्रांजेक्शन लिमिट पर टैक्स नोटिस। विशेषज्ञ सलाह: 2-3 अकाउंट ही रखें। सैलरी, खर्च, बचत के लिए अलग-अलग। अनुशासन से वित्तीय स्वतंत्रता पाएं।

By Pinki Negi

how many saving accounts is good

आज के डिजिटल दौर में बैंक खाते खोलना पहले से कहीं आसान हो गया है। सैलरी, बचत, ऑनलाइन शॉपिंग या इमरजेंसी फंड के लिए लोग एक से ज्यादा सेविंग अकाउंट खोल रहे हैं। लेकिन सवाल उठता है – क्या यह फायदे का सौदा है या बड़ा नुकसान? विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कोई व्यक्ति अनिश्चित संख्या में सेविंग अकाउंट खोल सकता है, क्योंकि RBI या बैंकिंग नियमों में कोई सख्त लिमिट नहीं है। फिर भी, फाइनेंशियल एक्सपर्ट 2-3 खातों से ज्यादा की सलाह नहीं देते, क्योंकि ज्यादा खाते मैनेज करना मुश्किल और महंगा साबित हो सकता है।

एक से ज्यादा सेविंग अकाउंट की अनुमति

भारत में बैंकिंग नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति कितने भी सेविंग अकाउंट खोल सकता है – चाहे एक ही बैंक में या अलग-अलग बैंकों में। कई बैंक, जैसे SBI, HDFC या PNB, मल्टीपल अकाउंट की सुविधा देते हैं, बशर्ते ग्राहक पॉलिसी का पालन करे। हालांकि, अगर खाते निष्क्रिय रहें या मिनिमम बैलेंस न रखा जाए, तो चार्ज लग सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि 3 से ज्यादा अकाउंट रखना प्रबंधन के लिहाज से जोखिम भरा है, खासकर जब ट्रांजेक्शन लिमिट और इनकम टैक्स नोटिस का डर हो।​

मल्टीपल अकाउंट के फायदे

कई बैंक खाते वित्तीय अनुशासन लाने में मददगार साबित होते हैं। उदाहरणस्वरूप, एक अकाउंट सैलरी के लिए, दूसरा रोजमर्रा खर्च के लिए और तीसरा लक्ष्य-आधारित बचत (जैसे यात्रा या शिक्षा) के लिए रखें। इससे फाइनेंशियल गोल्स ट्रैक करना आसान होता है – आप देख सकते हैं कि इमरजेंसी फंड में कितना जमा है। ऑटो-ट्रांसफर सेटअप से बचत आदत मजबूत होती है और अनावश्यक खर्च रुकता है। साथ ही, डेबिट कार्ड की दैनिक लिमिट खत्म होने पर दूसरा अकाउंट बैकअप का काम करता है। फ्रॉड केस में भी एक खाते की समस्या दूसरे को प्रभावित नहीं करती।

संभावित नुकसान और चुनौतियां

दूसरी तरफ, ज्यादा खाते रखने से मिनिमम बैलेंस बनाए रखना बोझ बन जाता है- हर महीने ₹500-5000 तक चार्ज कट सकते हैं। प्रबंधन में समय लगता है और भूलने पर खाते बंद हो सकते हैं। 2026 के नए नियमों के तहत, सेविंग अकाउंट में कैश डिपॉजिट या विड्रॉल पर ₹1 लाख से ₹10 लाख सालाना लिमिट है; इससे ज्यादा पर इनकम टैक्स नोटिस आ सकता है। कुल ट्रांजेक्शन ₹20 लाख पार करने पर GST विभाग अलर्ट हो जाता है। व्यवसायियों को छोड़कर आम आदमी के लिए 3+ अकाउंट जटिलता बढ़ाते हैं।​

विशेषज्ञों की सलाह

फाइनेंशियल प्लानर 2-3 अकाउंट की सिफारिश करते हैं- मुख्य सैलरी अकाउंट, खर्च अकाउंट और बचत/निवेश अकाउंट। कम आय वाले 1-2 ही रखें। जीरो बैलेंस BSBDA अकाउंट चुनें और UPI/NEFT जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन पर फोकस करें। हमेशा PAN लिंक रखें और ITR फाइल करें ताकि हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन पर नोटिस न आए। एक ही बैंक में मल्टीपल अकाउंट लेने से सुविधा बढ़ती है, लेकिन पॉलिसी चेक करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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