
आज के दौर में बिजली बिल हर घर की जेब पर भारी पड़ रहा है। कम आय वाले परिवारों के लिए तो यह मासिक बजट बिगाड़ने वाला संकट बन चुका है। बढ़ती महंगाई के बीच बिजली दरों में उछाल ने लाखों परिवारों को परेशान कर दिया है। लेकिन अब नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
‘कुटीर ज्योति योजना’ के तहत BPL और कुटीर ज्योति कनेक्शन वाले 2.5 लाख परिवारों को घर की छत पर मुफ्त 1.5 किलोवाट सोलर पैनल लगाए जाएंगे। यह केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ से जुड़ी राज्य पहल है, जो गरीबों को साफ ऊर्जा का लाभ दिलाएगी।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्ग को बिजली बिल से मुक्ति दिलाना है। BPL परिवार अपनी छत पर बिना एक पैसा खर्च किए सोलर सिस्टम लगवा सकेंगे। दिन के समय पंखा, बल्ब, मोबाइल चार्जर और छोटे उपकरण सूरज की रोशनी से चलेंगे। इससे न सिर्फ बिजली बिल शून्य हो जाएगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर आय भी संभव होगी।
सरकार का लक्ष्य पहले चरण में 2.5 लाख परिवारों को जोड़ना है, जिससे सालाना 18,000 रुपये तक की बचत हो सके। स्थानीय स्तर पर हजारों परिवारों को चिह्नित किया गया है। बिहार में सूर्याहट की प्रचुरता इस योजना को आदर्श बनाती है, जो पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगी।
आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता
आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है, जो पहले 28 फरवरी से बढ़ाई गई। जल्दबाजी करें, क्योंकि समय कम बचा है। पात्रता सरल है: घर की छत पक्की हो, कम से कम 64 वर्ग फीट जगह हो और ज्यादा छाया न हो। सोलर पैनल की देखभाल उपभोक्ता की जिम्मेदारी होगी- समय-समय पर सफाई जरूरी। योजना पूरी तरह मुफ्त है, कोई शुल्क नहीं।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन कैसे करें? प्रक्रिया डिजिटल और आसान है। गूगल प्ले स्टोर से ‘सुविधा ऐप’ डाउनलोड करें। ऐप में ‘कुटीर ज्योति रूफटॉप सोलर पैनल सहमति’ चुनें। कंज्यूमर नंबर डालकर OTP से वेरीफाई करें। BPL कार्ड, आधार, पहचान पत्र अपलोड करें। छत की फोटो और क्षेत्रफल भरें।
स्मार्टफोन न हो तो नजदीकी वसुधा केंद्र या सुविधा काउंटर पर जाकर मुफ्त मदद लें। पीएम सूर्य घर पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन संभव है- मोबाइल OTP से शुरू करें, बिजली बिल अपलोड करें, वेंडर चुनें। इंस्टॉलेशन के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में।
योजना का व्यापक प्रभाव
यह योजना 1 करोड़ घरों को लक्षित राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। बिहार सरकार ने इसे BPL पर फोकस कर मुफ्त पैनल की सौगात दी, जबकि केंद्र 1-3 kW सिस्टम पर 30,000 से 78,000 रुपये सब्सिडी देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिजली ग्रिड पर बोझ कम होगा और रोजगार बढ़ेगा। गरीब परिवार अब बिजली की चिंता छोड़ सशक्त बनेंगे। अंतिम तिथि नजदीक है- जल्द आवेदन करें और सूर्य ऊर्जा की रोशनी में घर रोशन करें!









