
आजकल देश में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और अब केवल अनपढ़ ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे लोग भी बड़े पैमाने पर इसका शिकार हो रहे हैं। जालसाज लोगों के बैंक खाते खाली करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सरकार की तमाम चेतावनियों के बावजूद जब ऑनलाइन ठगी नहीं रुकी, तो अब गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने सभी स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। सुरक्षित रहने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि ठग किस तरह से आपके फोन में सेंध लगा रहे हैं।
पार्सल डिलीवरी वाला फोन कॉल खाली कर सकता है आपका बैंक खाता
साइबर ठगी की दुनिया में ‘डिलीवरी स्कैम’ नाम का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। इसमें जालसाज खुद को नामी कूरियर कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को फोन करते हैं। वे पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी का समय बदलने (Reschedule) के बहाने आपसे आपकी निजी जानकारी मांगते हैं या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाते हैं। आपकी एक छोटी सी लापरवाही, जैसे किसी अनजान लिंक को खोलना या OTP शेयर करना, आपके बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर सकती है।
21 कोड डायल करते ही हैक हो जाएगा आपका फोन, खाली हो सकता है बैंक खाता
साइबर ठगों ने अब ‘कॉल फॉरवर्डिंग’ के जरिए लोगों को लूटने का एक शातिर तरीका निकाला है। इस फ्रॉड में अपराधी आपको एक SMS भेजते हैं और किसी बहाने से *21* से शुरू होने वाला एक USSD कोड डायल करने को कहते हैं। जैसे ही आप यह कोड अपने फोन से डायल करते हैं, आपके नंबर पर आने वाली सभी कॉल्स और मैसेज (जिसमें बैंक के OTP भी शामिल हैं) सीधे ठग के मोबाइल पर जाने लगते हैं। इस तरह बिना आपके फोन को छुए, अपराधी आपके बैंक खाते और सोशल मीडिया का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं।
कॉल फॉरवर्डिंग से आपके बैंक और सोशल मीडिया का कंट्रोल छीन रहे हैं ठग
एक बार फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव होते ही आपकी सुरक्षा पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके बाद बैंक से आने वाले जरूरी कॉल्स, पेमेंट के लिए आने वाले OTP, और यहाँ तक कि WhatsApp या Telegram के वेरिफिकेशन कोड भी सीधे अपराधियों के पास पहुँच जाते हैं। इसका फायदा उठाकर ठग न केवल आपके बैंक खाते से पैसे चोरी कर लेते हैं, बल्कि आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी हैक कर उनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। आपकी प्राइवेसी और जमापूंजी के लिए यह एक बहुत बड़ा खतरा है।
भूलकर भी डायल न करें 21 या 61 जैसे कोड, लग सकता है चूना
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे फोन पर *21*, *61*, या *67* जैसे USSD कोड डायल करने को कहे, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। ये जादुई कोड नहीं, बल्कि आपके फोन की सेटिंग्स बदलने के हथियार हैं। इन्हें डायल करते ही आपकी कॉल और मैसेज की प्राइवेसी खत्म हो जाती है और आप अनजाने में अपनी सुरक्षा की चाबी ठगों को सौंप देते हैं। सतर्क रहें और ऐसे किसी भी संदिग्ध निर्देश का पालन न करें।
##002# डायल करें और कॉल फॉरवर्डिंग से तुरंत पाएं छुटकारा
अगर आपने अनजाने में कोई कोड डायल कर दिया है और आपको डर है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड हो रही है, तो घबराएं नहीं। आप अपने फोन से तुरंत ##002# डायल करें। यह एक ‘यूनिवर्सल डिएक्टिवेशन कोड’ है जो सभी तरह की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को एक झटके में बंद कर देता है, चाहे आपका फोन बिजी हो या बंद। इस कोड को डायल करते ही आपका मोबाइल सुरक्षित हो जाएगा और आपके कॉल्स व OTP दोबारा आपके अलावा किसी और के पास नहीं जाएंगे।
अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
साइबर ठगों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप किसी भी अनजान नंबर से आए डिलीवरी या कूरियर से जुड़े लिंक पर क्लिक न करें। चाहे यह लिंक आपको SMS, WhatsApp या ईमेल के जरिए ही क्यों न मिला हो, यह पूरी तरह फर्जी हो सकता है। ये संदिग्ध लिंक विशेष रूप से आपके फोन का एक्सेस पाने या आपकी निजी बैंकिंग जानकारी चोरी करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। याद रखें, कोई भी असली कूरियर कंपनी आपसे लिंक के जरिए संवेदनशील जानकारी या पैसा नहीं मांगती है।
कूरियर फ्रॉड से बचना है आसा
यदि आपको किसी पार्सल की डिलीवरी को लेकर कोई संदेह हो, तो कभी भी किसी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। सुरक्षित रहने का सबसे सही तरीका यह है कि आप संबंधित कूरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या उनके वेरिफाइड कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके जानकारी लें। जालसाज अक्सर जल्दबाजी दिखाकर आपको डराने की कोशिश करते हैं, लेकिन सीधे कंपनी से संपर्क करने पर उनकी असलियत सामने आ जाएगी। सतर्क रहकर ही आप डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
घबराएं नहीं, तुरंत इस हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
अगर आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो समय बर्बाद किए बिना तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा, आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। याद रखें, ठगी होने के शुरुआती 1-2 घंटों (गोल्डन ऑवर) के भीतर की गई शिकायत से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है। आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।









