
मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अपडेट है—इस साल आपको अपने फोन के रिचार्ज के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। लगभग दो साल के अंतराल के बाद, टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर मोबाइल टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2026 तक मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम सेक्टर की कमाई (रेवेन्यू) को बढ़ाना है, जिससे वित्तीय वर्ष 2027 तक उनकी ग्रोथ दोगुनी होने की उम्मीद है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले महीनों में डेटा और कॉलिंग प्लान्स महंगे हो जाएंगे, जो आम ग्राहकों के बजट को प्रभावित करेंगे।
टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में गिरावट
पिछले कुछ समय से टेलीकॉम कंपनियों की कमाई की रफ़्तार सुस्त पड़ी है, जिसका असर अब रिचार्ज प्लान्स पर दिखने वाला है। सितंबर तिमाही में कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ गिरकर 10 प्रतिशत रह गई, जो पहले 16 प्रतिशत तक हुआ करती थी। अब 5G नेटवर्क बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए कंपनियां अपनी लागत वसूलने के लिए ‘औसत कमाई प्रति यूजर’ (ARPU) बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
जानकारों का मानना है कि रिचार्ज महंगे होने से कंपनियों का मुनाफा फिर से बढ़ना शुरू होगा, क्योंकि अब उन्हें नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश नहीं करना पड़ेगा। सीधे शब्दों में कहें तो, कंपनियों की बैलेंस शीट सुधारने के लिए अब ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी होगी।
पिछले साल की तरह इस बार भी जेब ढीली करने की तैयारी
टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर रिचार्ज महंगे करने की राह पर हैं। पिछले साल नवंबर में भी Airtel, Vi और BSNL ने चोरी-छिपे कीमतें बढ़ाई थीं। जहाँ वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने अपने सालाना प्लान को 12% महंगा किया था, वहीं एयरटेल ने अपने सबसे सस्ते प्लान की कीमत बढ़ा दी थी। सरकारी कंपनी BSNL ने तो रेट नहीं बढ़ाए, लेकिन वैलिडिटी (Validity) कम करके ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष बोझ डाल दिया। अब इसी तरह का बड़ा इजाफा फिर से होने वाला है, जिससे सालाना और मासिक रिचार्ज प्लान्स की कीमतें काफी ऊपर जा सकती हैं।









