
आजकल फोन और सोशल मीडिया ने जिंदगी आसान तो बनाई, लेकिन कुछ लोग इसे तंग करने का हथियार बना लेते हैं। कल्पना करो, कोई अनजान नंबर से बार-बार कॉल करे, रात को मैसेज बम फेंके, मना करने पर भी चले। शुरू में लगे शायद मजाक है, लेकिन ये मानसिक tortue बन जाता है। मैंने खुद देखा है दोस्तों को परेशान होते। चुप रहना गलत है – कानून तुम्हारे साथ है। आज बताता हूं कैसे शिकायत करो और बदमाश को ठीक करो।
बार-बार कॉल-मैसेज = स्टॉकिंग
दोस्तों, अगर कोई महिला को मना करने के बाद भी फोन, वीडियो कॉल या चैट से सताता है, तो ये स्टॉकिंग है। नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) में ये सीरियस क्राइम है – पहले IPC 354D था। सजा? 3 साल तक की जेल, फाइन या दोनों। साइबर हरासमेंट तो और बुरा, IT एक्ट के तहत भी कार्रवाई। महीनों से चल रही परेशानी? ये प्राइवेसी का उल्लंघन है। कोर्ट सख्त हैं, सबूत दो तो आरोपी पछताएगा। हल्के में मत लो, एक्शन लो!
सबूत इकट्ठा करो, ये गोल्ड हैं!
सबसे पहला स्टेप – एविडेंस जमा करो। कॉल लॉग सेव करो, मैसेज स्क्रीनशॉट लो, वॉयस नोट रखो। WhatsApp चैट, इंस्टा DM सब प्रूफ बनेगा। टाइम, डेट नोट करो। रिकॉर्डिंग लीगल है अगर खुली हो। बिना प्रूफ के शिकायत कमजोर लगती है, लेकिन इन्हें दिखाओ तो पुलिस तुरंत हरकत में। मैं कहता हूं, फोन की सेटिंग्स चेक करो – ब्लॉक के बाद भी ट्राई करे तो स्क्रीनशॉट लो। ये तुम्हारा शील्ड है।
कहां शिकायत दाखिल करें?
पहला – नजदीकी पुलिस स्टेशन या महिला थाने जाओ, लिखित कंप्लेंट दो। FIR हो जाएगी। डर लगे? ऑनलाइन cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करो – National Cyber Crime Portal फ्री है। तीसरा, हेल्पलाइन: महिलाओं के लिए 1090 या 112 इमरजेंसी। पुलिस नंबर ट्रेस करेगी, आरोपी को बुलाएगी। केस तेजी से चलेगा। शहरों में स्पेशल साइबर सेल हैं। एक शिकायत से जिंदगी बदल सकती है!
चुप्पी तोड़ो, सेफ्टी पहले
यारों, हरासमेंट इग्नोर मत करो – ये बढ़ता जाता है। फैमिली या फ्रेंड्स को बताओ, सपोर्ट लो। कानून बदला लेगा। सोलर एनर्जी स्टोरीज से ब्रेक लेकर ये सीरियस टॉपिक जरूरी था। अगर तुम या कोई जानने वाला फेस कर रहा, तो आज ही स्टेप लो। सेफ रहो, स्ट्रॉन्ग रहो!









