
बहुत समय से पुरानी पेंशन योजना की मांग उठ रही थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला सुनाया है. सरकारी कर्मचारी को अब एक ही बार में UPS से NPS में जा सकते हैं. सरकार ने साफ कहा है कि यह सुविधा एकतरफ़ा होगी. यानी कि अगर कोई कर्मचारी UPSS से NPS में चला जाता है, तो वह वापस UPSS में नहीं आ पाएगा.
सरकारी कर्मचारियों को मिला मौका
1 अप्रैल 2025 से केंद्र सरकार ने सरकारी सेवाओं में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की है. जिसके तहत कर्मचारी को NPS का ही एक विकल्प दिया जाएगा. जो कर्मचारी पहले से NPS में हैं, उन्हें भी UPS में जाने का विकल्प दिया गया है. 20 जुलाई 2025 तक लगभग 31,555 केंद्रीय कर्मचारियों ने इस नई योजना को चुना. आवेदन करने की लास्ट डेट 30 सितंबर 2025 है. मार्च 2025 में इस योजना से जुड़े नियमों को पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) को जारी किया था.
वित्त मंत्रालय ने दिया आदेश
वित्त मंत्रालय ने आदेश देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के जो कर्मचारी UPSS (पुरानी पेंशन योजना) चुन चुके हैं, वे किसी भी समय एक बार NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) में जा सकते हैं. यह सुविधा सिर्फ़ एकतरफ़ा होगी, यानी वापस UPSS में नहीं आया जा सकेगा. कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट से एक साल पहले या स्वैच्छिक रिटायरमेंट की स्थिति में तीन महीने पहले तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.
इसके अलावा सरकार ने कर्मचारियों की मदद करने के लिए UPSS के तहत रिटायरमेंट और मृत्यु ग्रेच्युटी का लाभ भी बढ़ा दिया है. साथ ही NPS सरकारी कर्मचारियों को अगर ड्यूटी के समय कोई दुर्घटना हो जाती है या उनकी मृत्यु हो जाती है, तो वह भी CCS (पेंशन) नियम, 2021 या CCS (असाधारण पेंशन) नियम, 2023 के तहत लाभ उठा सकेंगे. सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत UPSS को भी NPS की तरह ही टैक्स छूट दी है.
