
भारत सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए कई शानदार योजनाएं चला रही है, जिनमें से एक खास स्कीम उन बच्चों के लिए है जो 10वीं की परीक्षा पास कर चुके हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत, बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि पूरी तरह से छात्र के मेरिट और प्राप्त अंकों पर निर्भर करती है। अगर आपने या आपके बच्चे ने 10वीं में अच्छे नंबर प्राप्त किए हैं, तो इस सरकारी मदद के जरिए आगे की पढ़ाई का खर्च काफी आसान हो सकता है।
मुख्यमंत्री बालक-बालिका योजना
बिहार सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना’ मैट्रिक पास करने वाले मेधावी छात्रों के लिए एक बेहतरीन स्कीम है। इस योजना का लाभ उन छात्र-छात्राओं को मिलता है जिन्होंने बिहार बोर्ड से 10वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। योजना की एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्त यह है कि आवेदक का अविवाहित (Unmarried) होना जरूरी है; शादीशुदा छात्रों को इस आर्थिक सहायता का लाभ नहीं दिया जाता है। इस योजना के जरिए सरकार न केवल बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही है, बल्कि समाज में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने का संदेश भी दे रही है।
मैट्रिक पास करने पर ₹10,000 तक का इनाम
बिहार सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को उनकी मेहनत का फल नकद राशि के रूप में देती है। मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत, जो छात्र फर्स्ट डिवीजन (First Division) से 10वीं पास करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, सेकंड डिवीजन (Second Division) से पास होने वाले अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को ₹8,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ‘Direct Benefit Transfer’ (DBT) के जरिए सीधे छात्र के बैंक अकाउंट में जमा की जाती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।
घर बैठे पाएं ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि
बिहार सरकार ने प्रोत्साहन राशि पाने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। यदि आपने 10वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की है, तो आप घर बैठे ही बिहार शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (Medhasoft) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी स्कूल या सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं है। बस पोर्टल पर जाकर अपनी डिटेल्स के साथ लॉग इन करें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और अपनी स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म सबमिट कर दें। विभाग द्वारा आपके दस्तावेजों की जांच (Verification) पूरी होते ही, सहायता राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
₹10,000 की सरकारी मदद के लिए तैयार रखें ये कागज़ात
बिहार मुख्यमंत्री बालक-बालिका योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास सही दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। आवेदन करते समय आपको 10वीं का मार्कशीट (शिक्षा प्रमाण पत्र), आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी (जो आधार से लिंक हो), निवास प्रमाण पत्र (घर का पता), जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और एक पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। याद रहे, यह योजना विशेष रूप से केवल बिहार के मूल निवासियों के लिए है। अन्य राज्यों के छात्र इसके पात्र नहीं हैं। साथ ही, यह आर्थिक सहायता केवल अविवाहित (Unmarried) छात्रों को ही दी जाती है; यदि आवेदक विवाहित है, तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।









