
एक राज्य से दूसरे राज्य में अपनी कार या बाइक ट्रांसफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार पुराने आरटीओ से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेने की जटिल प्रक्रिया को खत्म करने पर विचार कर रही है। नीति आयोग की सिफारिशों के आधार पर ‘वाहन’ डेटाबेस से ऑटोमैटिक क्लीयरेंस सिस्टम लागू हो सकता है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को आरटीओ के चक्करों से परमानेंट छुट्टी मिलेगी।
वर्तमान प्रक्रिया में क्यों परेशानी?
अभी अगर आप दिल्ली से मुंबई अपनी गाड़ी ले जाना चाहें, तो सबसे पहले पुराने आरटीओ से एनओसी लेनी पड़ती है। यह साबित करने के लिए कि गाड़ी पर कोई रोड टैक्स, चालान या लोन बकाया नहीं है। इसके साथ आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), फॉर्म 28, 29, 30, 35, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और पीयूसी जमा करने पड़ते हैं। प्रक्रिया में हफ्तों-महीनों लग जाते हैं, दलालों का शोषण बढ़ता है और सेकंड हैंड कार बाजार ठप हो जाता है। नौकरी ट्रांसफर या माइग्रेशन वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।
सरकार का नया डिजिटल प्लान क्या है?
नीति आयोग की हाई-लेवल कमिटी ने सुझाव दिया है कि एनओसी की जगह डिजिटल वेरिफिकेशन हो। ‘वाहन’ पोर्टल पर सभी गाड़ियों का केंद्रीकृत डेटा है, जहां एक क्लिक पर टैक्स, चालान और बकाया चेक हो जाएगा। नए राज्य का आरटीओ ट्रांसफर आवेदन पर सिस्टम स्वतः पुराने रिकॉर्ड सत्यापित कर क्लीयरेंस जेनरेट करेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। अमर उजाला और न्यूज18 जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डिजिटल इंडिया का बड़ा कदम साबित होगा।
क्या बदलेगा, किसे फायदा?
| पहलू | पुरानी प्रक्रिया | नया सिस्टम |
|---|---|---|
| एनओसी | अनिवार्य, देरी भरी | ऑटो-जेनरेटेड |
| समय | हफ्ते-महीने | तत्काल |
| दस्तावेज | ढेर सारे फॉर्म | आरसी, इंश्योरेंस ही काफी |
| लागत | दलाल+चक्कर | न्यूनतम |
वाहन मालिकों को समय-धन की बचत होगी। फ्लीट कंपनियां, यूज्ड कार डीलर और तबादला वाले कर्मचारी लाभान्वित होंगे। पुरानी फिट गाड़ियां भी सड़कों पर लौटेंगी, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी। हालांकि, सभी राज्यों के आरटीओ को वाहन से पूरी तरह लिंक करना चुनौती होगा।
मार्च 2026 तक अधिसूचना बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स से साफ है कि बदलाव करीब है। वाहन मालिक वाहन ऐप चेक करें और अपडेट रहें। यह सुधार न केवल प्रक्रिया तेज करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाएगा।









