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RTO के चक्करों से मिलेगी परमानेंट छुट्टी! अब दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने के लिए नहीं पड़ेगी NOC की जरूरत; सरकार का नया डिजिटल प्लान

केंद्र सरकार वाहन ट्रांसफर के लिए NOC अनिवार्यता हटाने पर विचार कर रही है। नीति आयोग की सिफारिश पर 'वाहन' डेटाबेस से ऑटो-क्लियरेंस सिस्टम बनेगा। वाहन मालिकों को समय-धन की बचत, सेकंड हैंड कार बाजार को गति मिलेगी। MoRTH प्रस्ताव की समीक्षा में है।

By Pinki Negi

RTO के चक्करों से मिलेगी परमानेंट छुट्टी! अब दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने के लिए नहीं पड़ेगी NOC की जरूरत; सरकार का नया डिजिटल प्लान

एक राज्य से दूसरे राज्य में अपनी कार या बाइक ट्रांसफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार पुराने आरटीओ से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेने की जटिल प्रक्रिया को खत्म करने पर विचार कर रही है। नीति आयोग की सिफारिशों के आधार पर ‘वाहन’ डेटाबेस से ऑटोमैटिक क्लीयरेंस सिस्टम लागू हो सकता है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को आरटीओ के चक्करों से परमानेंट छुट्टी मिलेगी।

वर्तमान प्रक्रिया में क्यों परेशानी?

अभी अगर आप दिल्ली से मुंबई अपनी गाड़ी ले जाना चाहें, तो सबसे पहले पुराने आरटीओ से एनओसी लेनी पड़ती है। यह साबित करने के लिए कि गाड़ी पर कोई रोड टैक्स, चालान या लोन बकाया नहीं है। इसके साथ आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), फॉर्म 28, 29, 30, 35, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और पीयूसी जमा करने पड़ते हैं। प्रक्रिया में हफ्तों-महीनों लग जाते हैं, दलालों का शोषण बढ़ता है और सेकंड हैंड कार बाजार ठप हो जाता है। नौकरी ट्रांसफर या माइग्रेशन वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।

सरकार का नया डिजिटल प्लान क्या है?

नीति आयोग की हाई-लेवल कमिटी ने सुझाव दिया है कि एनओसी की जगह डिजिटल वेरिफिकेशन हो। ‘वाहन’ पोर्टल पर सभी गाड़ियों का केंद्रीकृत डेटा है, जहां एक क्लिक पर टैक्स, चालान और बकाया चेक हो जाएगा। नए राज्य का आरटीओ ट्रांसफर आवेदन पर सिस्टम स्वतः पुराने रिकॉर्ड सत्यापित कर क्लीयरेंस जेनरेट करेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। अमर उजाला और न्यूज18 जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डिजिटल इंडिया का बड़ा कदम साबित होगा।

क्या बदलेगा, किसे फायदा?

पहलूपुरानी प्रक्रियानया सिस्टम
एनओसीअनिवार्य, देरी भरीऑटो-जेनरेटेड
समयहफ्ते-महीनेतत्काल
दस्तावेजढेर सारे फॉर्मआरसी, इंश्योरेंस ही काफी
लागतदलाल+चक्करन्यूनतम

वाहन मालिकों को समय-धन की बचत होगी। फ्लीट कंपनियां, यूज्ड कार डीलर और तबादला वाले कर्मचारी लाभान्वित होंगे। पुरानी फिट गाड़ियां भी सड़कों पर लौटेंगी, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी। हालांकि, सभी राज्यों के आरटीओ को वाहन से पूरी तरह लिंक करना चुनौती होगा।

मार्च 2026 तक अधिसूचना बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स से साफ है कि बदलाव करीब है। वाहन मालिक वाहन ऐप चेक करें और अपडेट रहें। यह सुधार न केवल प्रक्रिया तेज करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाएगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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