
मध्य प्रदेश सरकार ने भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पूरा न होने के कारण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दो लाख से अधिक पेंशन पाने वाले लोगों की पेंशन फिलहाल रोक दी है। राज्य में इन योजनाओं के लगभग 56 लाख लाभार्थी हैं। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग ने सभी लाभार्थियों को अपना सत्यापन कराने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
2 लाख 93 हज़ार 730 लाभार्थियों की पेंशन रुकी
दो महीने पहले, भौतिक सत्यापन (Physical Verification) न होने के कारण 2 लाख 93 हज़ार 730 लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई थी। अफ़सोस की बात यह है कि अब तक इनमें से सिर्फ़ 72 हज़ार 863 पेंशनधारकों का ही सत्यापन हो पाया है और उनकी जानकारी पेंशन पोर्टल पर अपडेट की गई है। इसका मतलब है कि अभी भी 2 लाख 20 हज़ार 867 पेंशनरों का सत्यापन बाकी है, जिसके कारण उनकी पेंशन रुकी हुई है।
दिव्यांग पेंशन सत्यापन में लापरवाही
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिव्यांग पेंशन योजनाओं के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में जो धीमी प्रगति हो रही है, वह सही नहीं है। विभाग ने कहा है कि यह स्पष्ट दिखाता है कि जिला और स्थानीय निकाय के अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं। यह खेदजनक स्थिति है और इसके कारण सरकार की छवि खराब हो रही है, इसलिए अधिकारियों को जल्द से जल्द इस काम को पूरा करना चाहिए।
सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों ने जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेंशन योजनाओं के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) का काम बहुत ही धीमा है। सीधी, टीकमगढ़, सिंगरौली, भोपाल, मैहर, उमरिया और डिंडौरी जैसे जिलों में तो 10 प्रतिशत से भी कम सत्यापन हुआ है। कुल 16 जिलों में यह काम लगभग न के बराबर हुआ है, जिसे देखते हुए इन जिलों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों को अब कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए जा रहे हैं।









