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Gorakhpur Special Trains: अब ट्रेनों में नहीं होगी ‘मारामारी’! गोरखपुर के लिए चलेंगी नई रेल; रेलवे ने जारी किया नया टाइम टेबल

गोरखपुर रूट के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर! भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने नई स्पेशल ट्रेनें चलाने और उनके समय में बड़े बदलाव का फैसला किया है। अब आपको कंफर्म टिकट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जानें इन ट्रेनों का पूरा टाइम टेबल और रूट।

By Pinki Negi

Gorakhpur Special Trains: अब ट्रेनों में नहीं होगी 'मारामारी'! गोरखपुर के लिए चलेंगी नई रेल; रेलवे ने जारी किया नया टाइम टेबल।
Gorakhpur Special Trains

गोरखपुर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्वोत्तर रेलवे अब इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और उन्हें बिना वजह रुकने से बचाने के लिए ‘ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग’ सिस्टम लगा रहा है। इस नई तकनीक की मदद से अब ट्रेनों के बीच ज्यादा दूरी रखने की जरूरत नहीं होगी, जिससे एक ही ट्रैक पर कम समय के अंतराल में अधिक ट्रेनें सुरक्षित तरीके से चल सकेंगी। रेलवे के इस इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार से न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नई ट्रेनें चलाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

गोरखपुर-गोंडा रूट पर 12 किमी का नया ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य पूरा

लखनऊ मंडल के यात्रियों के लिए राहत की खबर है कि बभनान, परसा तिवारी और स्वामी नारायण छपिया स्टेशनों के बीच 12 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। रेलवे की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इस पूरे काम के दौरान ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा।

उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर अब तक कुल 138.57 किलोमीटर हिस्से को इस आधुनिक तकनीक से लैस किया जा चुका है। साल 2025-26 के दौरान रेलवे ने तेजी दिखाते हुए गोविन्दनगर से स्वामी नारायण छपिया तक कुल 36.64 किलोमीटर का काम पूरा कर लिया है, जिससे अब इस रूट पर ट्रेनें बिना रुके और तेज गति से चल सकेंगी।

गोरखपुर रेल रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग

बभनान-स्वामी नारायण छपिया रेल खंड पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम पूरा होने से यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। प्रमुख मुख्य सिग्नल इंजीनियर एम.एल. मकवाना और उनकी टीम की इस मेहनत से अब इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी और उनकी रफ्तार में भी इजाफा होगा। इस नई तकनीक की शुरुआत पिछले साल जगतबेला-मगहर खंड से हुई थी, जिसके बाद से ट्रेनों का संचालन और भी सुरक्षित हो गया है। अब इस पूरे रूट पर ट्रेनें बिना रुके और तय समय (Punctuality) के अनुसार चल सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी।

ऑटोमेटिक सिग्नलिंग से होने वाले मुख्य लाभ

  • ज्यादा ट्रेनें: ट्रैक की क्षमता बढ़ने से अब एक ही रूट पर पहले से अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
  • समय की पाबंदी: ट्रेनों को अब बाहरी सिग्नलों पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे वे अपने सही समय पर पहुंचेंगी।
  • बेहतर सुरक्षा: ऑटोमेटिक सिस्टम होने से मानवीय चूक की गुंजाइश कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित रहेगी।
  • सफर में तेजी: दो ट्रेनों के बीच की दूरी कम होने के बावजूद सुरक्षा बनी रहेगी, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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