
होली के त्योहार से ठीक पहले सोने की कीमतों में शनिवार सुबह भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,61,710 प्रति 10 ग्राम पर लुढ़क गया है, जबकि मुंबई में यह ₹1,61,580 प्रति 10 ग्राम रह गया। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को दिल्ली में सोना ₹1,800 की तेजी के साथ ₹1,64,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो अब तेज गिरावट का शिकार हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव $5,172.17 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जो वैश्विक स्तर पर भी कमजोरी दर्शाता है।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी है। दिल्ली में चांदी ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है, जो जनवरी के ₹4 लाख के ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। एक दिन पहले चांदी ₹2,68,000 प्रति किलोग्राम पर थी, लेकिन अब फिर से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $89.72 प्रति औंस पर घूम रही है।
शहरवार सोने-चांदी के ताजा भाव
देश के प्रमुख शहरों में 28 फरवरी की सुबह के भाव इस प्रकार हैं (प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोना, सभी टैक्स सहित):
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,61,710 | 1,48,240 |
| मुंबई | 1,61,580 | 1,48,110 |
| चेन्नई | 1,61,580 | 1,48,110 |
| कोलकाता | 1,61,580 | 1,48,110 |
| पुणे | 1,61,580 | 1,48,110 |
| बेंगलुरु | 1,61,580 | 1,48,110 |
| अहमदाबाद | 1,61,610 | 1,48,140 |
| जयपुर | 1,61,820 | 1,48,240 |
ये भाव सर्राफा संघ और प्रमुख ज्यूलर्स (तनिष्क, मालाबार गोल्ड आदि) के आंकड़ों पर आधारित हैं। ध्यान दें, वास्तविक खरीद पर मेकिंग चार्ज, GST और लोकल वैरिएशन जोड़कर भाव ऊपर चढ़ जाते हैं।
गिरावट के पीछे क्या कारण?
सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट बजट 2026 के बाद की प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा लगती है। फरवरी के पहले हफ्ते में बजट के दिन सोना 6% तक लुढ़क गया था, जब अप्रैल डिलीवरी का फ्यूचर ₹1,43,205 प्रति 10 ग्राम तक गिरा। विशेषज्ञों के मुताबिक, मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेड की सख्त नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव में कमी (मिडिल ईस्ट, यूक्रेन आदि) ने सेफ-हेवन डिमांड घटाई है। इसके अलावा, 2025 की 75-80% तेजी के बाद निवेशक प्रॉफिट ले रहे हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2026 में भारत में सोने की ज्यूलरी डिमांड घट सकती है, लेकिन ETF और डिजिटल गोल्ड में निवेश बढ़ेगा।
भविष्य का आउटलुक
हालांकि शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव है, लॉन्ग-टर्म आउटलुक बुलिश है। जेपी मॉर्गन ने 2026 के अंत तक सोने का लक्ष्य $6,300 प्रति औंस रखा है, जो सेंट्रल बैंक खरीदारी और इन्वेस्टर डायवर्सिफिकेशन पर आधारित है। बैंक का लॉन्ग-टर्म अनुमान $4,500 से बढ़ाकर ऊंचा किया गया है, और कुछ सिनैरियो में $8,000-$8,500 तक जाने की गुंजाइश बताई गई। भारत में यह ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
यह गिरावट सोना खरीदने का अच्छा मौका हो सकता है, खासकर होली-शादी सीजन में। विशेषज्ञ छोटे-छोटे अमाउंट में DCA (डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग) सुझाते हैं। ज्यूलरी के बजाय SGB, ETF या डिजिटल गोल्ड चुनें, जहां मेकिंग चार्ज बचता है। दिल्लीवासी लाजपत राय मार्केट या बड़े चेन से खरीदें, लेकिन हॉलमार्क्ड ही लें।









