
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। सुबह गिरावट के बाद दोपहर 11 बजे के आसपास दोनों धातुओं ने रफ्तार पकड़ी और दोपहर 2 बजे तक अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 71 रुपये उछलकर ₹1,61,860 पर पहुंच गया। चांदी मई डिलीवरी में ₹4,669 की तेजी के साथ ₹2,73,160 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इस दौरान सोने में ₹1,200 तक और चांदी में ₹6,170 की कुल तेजी दर्ज की गई।
युद्ध का सीधा असर
ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे की आशंकाओं ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान छुआ दिया, जिससे निवेशक सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर दौड़े। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के छठे दिन कॉमेक्स पर सोना $5,180 और चांदी $84 प्रति औंस के पार चढ़ गई। भारत में रुपये की कमजोरी ने आयात लागत बढ़ा दी, जिसका फायदा घरेलू बाजार को मिला। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रातोंरात चांदी ₹6,000 महंगी हो गई, जबकि सोना भी रिकॉर्ड ₹1,62,750 प्रति 10 ग्राम को पार कर गया। ज्वेलरी खरीदारी अब आम आदमी के लिए मुश्किल हो गई है।
उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत
गुरुवार सुबह MCX खुलते ही सोना-चांदी लुढ़क गए। दोपहर 2 बजे तक सोना ₹700 से ज्यादा गिरकर ₹1,60,000 के आसपास था, जबकि चांदी ₹2,300 की गिरावट के साथ ₹2,70,000 से नीचे आ गई। इसका कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती और डॉलर इंडेक्स का उछाल था। लेकिन 11 बजे के बाद डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से हालात बदल गए।
निवेशकों ने भारी खरीदारी शुरू कर दी, जिससे भावों ने रफ्तार पकड़ ली। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, वैश्विक तनाव ने भारतीय सर्राफा बाजार को मजबूती दी।
ताजा MCX भाव: गुरुवार दोपहर 2 बजे तक
| धातु | कॉन्ट्रैक्ट | भाव (₹) | दिन का बदलाव |
|---|---|---|---|
| सोना | अप्रैल | 1,61,860 | +71 से +1,200 |
| चांदी | मई | 2,73,160 | +4,669 से +6,170 |
| सोना | सामान्य | 1,62,750+ | रिकॉर्ड ऊंचाई |
| चांदी | सामान्य | 2,74,000+ | ₹6,000 की तेजी |
शुक्रवार 12 मार्च को भी सोना ₹1,63,320 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) पर स्थिर रहा, जबकि चांदी में कुछ राहत मिली।
इंटरनेशनल बाजार: विरोधाभासी रुख
गुरुवार को स्पॉट गोल्ड 0.39% गिरकर $5,159 प्रति औंस पर आ गया, वहीं स्पॉट सिल्वर 0.12% चढ़कर $85.65 पर रही। अमेरिकी PCE इंडेक्स और फेड की ब्याज दर नीतियों पर नजरें टिकी हैं। भारत में चांदी ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम तक लुढ़की, लेकिन युद्ध का डर बरकरार है।
भविष्य का अनुमान
निवेशकों को सलाह है कि PCE डेटा का इंतजार करें, जो महंगाई और ब्याज दरों की दिशा तय करेगा। युद्ध लंबा खिंचा तो भाव और चढ़ सकते हैं, लेकिन शांति की खबरें गिरावट ला सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लॉन्ग टर्म में सोना सुरक्षित रहेगा। ईरान युद्ध ने न सिर्फ कमोडिटी बाजार, बल्कि शेयर बाजार को भी प्रभावित किया है। आम उपभोक्ता अब त्योहारों से पहले खरीदारी पर विचार करें।









