
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज गुरुवार को सर्राफा बाजार आपके लिए खुशखबरी लेकर आया है। मिडिल ईस्ट तनाव के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में सोने-चांदी के दामों में नरमी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि भारत में प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव ₹1,63,000 के आसपास स्थिर हुए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है, लेकिन निवेशकों के लिए खरीदारी का सुनहरा मौका है।
क्यों गिरे सोने के दाम?
आज सोने की चमक फीकी पड़ने की मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। जब डॉलर महंगा होता है, तो सोना अन्य मुद्राओं में महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। भारत में MCX पर सोने को ₹1,59,500 का सपोर्ट स्तर मिल सकता है। हालांकि, मिडिल ईस्ट संकट से सुरक्षित निवेश की भूख बनी हुई है, जो तेजी की संभावना रखता है। पिछली रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में सोना पहले ₹1,63,470/10g पर था, जो आज मामूली गिरावट के साथ ₹1,63,000 के आसपास ट्रेड कर रहा।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
भारत में हर शहर के रेट थोड़े अलग होते हैं, जो लोकल टैक्स और मांग पर निर्भर करते हैं। यहां 12 मार्च 2026 के अपडेटेड रेट्स हैं:
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,63,470 | ₹1,49,860 | ₹1,22,640 |
| मुंबई | ₹1,63,320 | ₹1,49,710 | ₹1,22,490 |
| कोलकाता | ₹1,63,320 | ₹1,49,710 | ₹1,22,490 |
| चेन्नई | ₹1,64,960 | ₹1,51,210 | ₹1,29,510 |
ये रेट्स सर्राफा बाजार और MCX पर आधारित हैं। ज्वेलरी खरीदते समय 3-5% मेकिंग चार्ज जोड़ें।
चांदी की कीमतों में राहत
चांदी के दामों में सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है, क्योंकि इसकी मांग ज्वेलरी के साथ इंडस्ट्रीज (इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल) में भी है। आज भारतीय बाजार में चांदी ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही, यानी 10 ग्राम का रेट ₹2,899। दिल्ली-मुंबई में औसतन ₹85,000-₹90,000/kg रहा। खरीदारों को राहत मिली है, लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड से रिकवरी हो सकती है।
महंगाई और कच्चे तेल का असर
कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं, जो महंगाई को भड़का सकते हैं। अमेरिका में CPI 2.4% पर है, जो फेड के फैसले प्रभावित करेगा। जानकारों का कहना है कि तेल और महंगाई काबू में न आने तक सोने-चांदी पर दबाव रहेगा। निवेशकों को सलाह: 22 कैरेट ज्वेलरी या सिक्कों पर फोकस करें, ETF वैकल्पिक। गिरावट का फायदा उठाएं, लेकिन लॉन्ग-टर्म होल्डिंग प्लान बनाएं।









