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सोना-चांदी की कीमतों में आया ‘तूफान’! सोना ₹5000 और चांदी ₹10000 उछली, एक्सपर्ट्स ने बताई खरीदारी की सही वजह

ग्लोबल अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और क्रूड ऑयल के नरम होने के बीच सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल आया है। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड 4,575 डॉलर और सिल्वर 73.55 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इंडियन मार्केट में 24 कैरेट सोना 5,130 रुपये उछलकर 1,44,080 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 10,470 रुपये बढ़कर 2,34,420 रुपये प्रति किलो पर दर्ज हुई।

By Pinki Negi

gold and silver price jump on 25th march after crash in international market

ग्लोबल अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच सोना-चांदी ने एक बार फिर जबरदस्त छलांग लगाई है। बुधवार के शुरुआती कारोबार में इन दोनों कीमती धातुओं में आई रिकॉर्ड तेजी ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट को झकझोर दिया, बल्कि भारतीय कमोडिटी बाजार में भी मानो ‘तूफान’ ला दिया।

ग्लोबल मार्केट में सोना-चांदी की रिकॉर्ड छलांग

बुलियन मार्केट में बुधवार सुबह सोने के दामों में तेज उछाल दर्ज किया गया। सोना करीब 173 डॉलर प्रति औंस की बड़ी छलांग लगाकर 4,575 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और एक बार फिर तेज रुझान हावी होता दिखा। इस तेज रिकवरी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों के लिए गोल्ड अभी भी एक अहम सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।

चांदी ने भी ग्लोबल मार्केट में कमाल का प्रदर्शन किया। लगभग 6 प्रतिशत की उछाल के साथ सिल्वर की कीमत 73.55 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई और रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार करती दिखी। यह तेजी उस समय आई जब ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और अमेरिका की ओर से शांति प्रयासों की खबरों ने बाजार में ‘रिस्क-ऑन’ और ‘रिस्क-ऑफ’ मूड के बीच जोरदार खींचतान पैदा की हुई है।

भारतीय बाजार में ‘तूफानी’ तेजी

अंतरराष्ट्रीय रैली का सीधा असर इंडियन मार्केट पर भी दिखा। मंगलवार शाम से शुरू हुई तेजी बुधवार सुबह तक बरकरार रही और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के साथ-साथ फिजिकल सर्राफा बाजार में भी सोना-चांदी के रेट नए स्तरों पर पहुंच गए। 24 कैरेट गोल्ड में 5,130 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेज उछाल आई और दाम बढ़कर 1,44,080 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर के नजदीक दिखे।

चांदी में उछाल सोने से भी ज्यादा तगड़ा रहा। देश में सिल्वर की कीमत 10,470 रुपये प्रति किलो चढ़कर 2,34,420 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं वायदा बाजार में अप्रैल गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि इसका पिछला क्लोजिंग रेट 1,42,195 रुपये था। मई सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 4 प्रतिशत उछलकर 2,32,898 रुपये प्रति किलो पर खुला, जो एक दिन पहले 2,23,941 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था।

डॉलर, क्रूड और जियोपॉलिटिक्स की तिकड़ी

विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार के कारोबारी सत्र में सोना-चांदी की इस तगड़ी रैली के पीछे तीन बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं – कमजोर अमेरिकी डॉलर, क्रूड ऑयल की नरमी और युद्ध के मोर्चे पर ‘शांति की उम्मीद’। डॉलर इंडेक्स में गिरावट से दूसरी करेंसी में बैठे निवेशकों के लिए गोल्ड अपेक्षाकृत सस्ता हुआ, जिससे बुलियन में खरीदी बढ़ी और दामों ने रफ्तार पकड़ी।

दूसरी ओर, क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसलने से ग्लोबल महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हुई है। इससे बॉन्ड यील्ड पर दबाव घटा और निवेशकों ने एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर रुख किया। साथ ही, अमेरिका की ओर से ईरान को भेजी गई 15 सूत्री शांति योजना और युद्ध-विराम की संभावनाओं से भी सेंटिमेंट में सुधार आया, जिसने सोना-चांदी को सपोर्ट दिया।

युद्ध लंबा खिंचा तो क्या होगा?

दिलचस्प यह है कि ईरान–इजरायल और अमेरिका के बीच जारी टकराव ने मार्केट के पुराने फार्मूले को उलझा दिया है। आमतौर पर युद्ध के समय सोना-चांदी बेखटके ऊपर भागते हैं, लेकिन इस बार शुरुआती दौर में इन धातुओं में तेज गिरावट भी देखी गई, जिसके बाद अब जबरदस्त रिबाउंड हुआ है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो बढ़ती बॉन्ड यील्ड और कैश की डिमांड के दबाव में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस तक भी फिसल सकता है, हालांकि मौजूदा उछाल से फिलहाल बाजार का मूड सकारात्मक दिखाई दे रहा है।

निवेशकों के लिए संदेश

तेजी के इस तूफान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह स्तर खरीद के हैं या मुनाफावसूली के। विशेषज्ञ साफ संकेत दे रहे हैं कि सोना-चांदी में यह रैली सिर्फ शॉर्ट टर्म सेंटिमेंट का नतीजा नहीं है, बल्कि डॉलर की कमजोरी, ब्याज दरों में कटौती की भविष्य की उम्मीद और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता जैसे स्ट्रक्चरल फैक्टर भी इसके पीछे काम कर रहे हैं। ऐसे में लंबे समय के नजरिए से पोर्टफोलियो में सीमित हिस्सेदारी के रूप में गोल्ड और सिल्वर रखे जाने की सलाह दी जा रही है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को तेज उतार-चढ़ाव और रिस्क मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर ही कदम बढ़ाने की जरूरत है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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