
अमेरिका-ईरान के बीच बुधवार को घोषित सीजफायर की सहमति अब बेअसर नजर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत टल चुकी है, जबकि इजरायल लगातार लेबनान पर हमले जारी रखे हुए है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से की गई इस घोषणा के बाद सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल आया था, लेकिन अब उत्पन्न अनिश्चितता ने दोनों कीमती धातुओं को लाल निशान में धकेल दिया है। बुलियन बाजार में सुबह से ही गिरावट का सिलसिला जारी है, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
भारतीय बाजार में गिरावट का दौर
भारतीय बाजार में शुक्रवार सुबह सोना 750 रुपये गिरकर 1,52,930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 22 कैरेट सोना भी 1,40,190 रुपये प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया। चांदी में 1,100 रुपये की भारी गिरावट के साथ यह 2,43,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। गुरुवार को इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने 24 कैरेट सोने को 1,49,937 रुपये और 22 कैरेट को 1,49,337 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद किया था, जबकि चांदी 2,36,158 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही।
यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख से प्रेरित है, जहां COMEX गोल्ड 32.70 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,785.30 डॉलर और COMEX सिल्वर 75.930 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कमोडिटी मार्केट में सोना 2.57 डॉलर की गिरावट के साथ 4,762 डॉलर प्रति औंस पर देखा जा रहा है।
वैश्विक बाजार में भरोसे का टूटना
बुधवार को सीजफायर की खबर से सोना 3,173 रुपये उछलकर 1,48,733 रुपये और चांदी 11,924 रुपये चढ़कर 2,31,348 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। लेकिन इजरायल के लेबनान हमलों और पाकिस्तान में टली बातचीत ने सब कुछ बदल दिया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों के आवागमन को सीमित करने की धमकी दी है, जिससे तनाव बढ़ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बावजूद, ईरानी सूत्रों का कहना है कि शर्तों पर सहमति नहीं बनी। इससे सुरक्षित निवेश की मांग घटी और डॉलर इंडेक्स मजबूत हो गया, जो सोने की चमक फीकी कर रहा है।
क्रूड ऑयल की तेजी से बढ़ी चिंता
सीजफायर के बाद क्रूड ऑयल में 15% से ज्यादा गिरावट आई थी, लेकिन अब अनिश्चितता के चलते यह लगातार दूसरे दिन चढ़ा। शुक्रवार सुबह WTI क्रूड 0.66 डॉलर बढ़कर 98.53 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.79 डॉलर उछलकर 96.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। गोल्डमैन सैक्स ने Q2 के लिए ब्रेंट को 90 डॉलर और WTI को 87 डॉलर का अनुमान घटाया है। तेल व्यापारी सतर्क हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट का तनाव सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। इससे भारतीय बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ेगा, जो सोने-चांदी की मांग को और दबा सकता है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार का रुख अनिश्चित है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गिरावट में खरीदारी का मौका तलाशें, लेकिन लॉन्ग-टर्म SIP या ETF पर फोकस करें। अगर कीमतें 1,48,000 रुपये के आसपास स्थिर हों, तो शादी-त्योहार के लिए सोना खरीदें, लेकिन बजट का 5-10% ही लगाएं। बेचने का समय 1,55,000 रुपये पार होने पर। मेरठ जैसे शहरों में स्थानीय सर्राफा दरें चेक करें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और टैक्स अतिरिक्त होते हैं। कुल मिलाकर, जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच सतर्क रहना ही समझदारी है।









