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पेट्रोल के बढ़ते दाम से मिलेगी राहत! फ्यूल क्रेडिट कार्ड का ऐसे करें इस्तेमाल, होगी तगड़ी बचत

पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आम ग्राहकों के लिए को-ब्रांडेड फ्यूल क्रेडिट कार्ड राहत का नया जरिया बनकर उभरे हैं। ये खास कार्ड पेट्रोल पंप पर भुगतान पर रिवॉर्ड प्वाइंट, फ्यूल सरचार्ज वेवर और अतिरिक्त कैशबैक देकर फ्यूल खर्च की वास्तविक लागत घटा देते हैं। सही कार्ड चुनकर, पार्टनर पंप पर ही फ्यूल भरवाकर और समय पर रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करके यूज़र साल भर में हजारों रुपये तक की बचत कर सकते हैं।

By Pinki Negi

पेट्रोल के बढ़ते दाम से मिलेगी राहत! फ्यूल क्रेडिट कार्ड का ऐसे करें इस्तेमाल, होगी तगड़ी बचत

पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ कीमत घटने का इंतज़ार करने के बजाय कई स्मार्ट ग्राहक अब फ्यूल क्रेडिट कार्ड की मदद से अपनी जेब पर पड़ने वाला बोझ हल्का कर रहे हैं। ये खास तरह के को-ब्रांडेड कार्ड न सिर्फ पेट्रोल पंप पर अतिरिक्त रिवॉर्ड देते हैं, बल्कि फ्यूल सरचार्ज जैसी अतिरिक्त लागत भी कम कर सकते हैं। सही कार्ड चुनकर और उसे समझदारी से इस्तेमाल कर कोई भी परिवार साल भर में हजारों रुपये तक की बचत कर सकता है।

फ्यूल क्रेडिट कार्ड: आम कार्ड से कैसे अलग?

आमतौर पर ज्यादातर क्रेडिट कार्ड फ्यूल पर किए गए खर्च पर रिवॉर्ड प्वाइंट या कैशबैक नहीं देते, जबकि को-ब्रांडेड फ्यूल क्रेडिट कार्ड खास तौर पर पेट्रोल और डीजल की खरीद को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। इन कार्ड्स से पेट्रोल पंप पर पेमेंट करने पर हर बार रिफ्यूलिंग के साथ रिवॉर्ड प्वाइंट जमा होते हैं, जिन्हें बाद में फ्यूल खरीदने या फ्यूल वाउचर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कई कार्ड्स में 1% जैसा फ्यूल सरचार्ज भी माफ या रिवर्स कर दिया जाता है, जिससे ग्राहकों को बिलकुल सीधे-सीधे अतिरिक्त बचत मिलती है। जिन लोगों का हर महीने फ्यूल पर अच्छा-खासा खर्च होता है, उनके लिए ये कार्ड लंबे समय में एक तरह के “कैशबैक इंजन” की तरह काम करते हैं।

ऑयल कंपनियों के साथ को-ब्रांडिंग, फायदा कहाँ ज़्यादा?

सबसे ज्यादा फायदे वाले फ्यूल क्रेडिट कार्ड आमतौर पर बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में जारी किए जाते हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के साथ को-ब्रांडेड कार्ड पर उनके पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाने पर ज्यादा रिवॉर्ड प्वाइंट या बेहतर कैशबैक मिलता है।

उदाहरण के तौर पर, किसी इंडियन ऑयल को-ब्रांडेड कार्ड से सिर्फ इंडियन ऑयल पंप पर पेट्रोल भरवाने पर प्रति 150 रुपये खर्च पर तय संख्या में प्वाइंट मिल सकते हैं और ये प्वाइंट बाद में फ्री फ्यूल में बदले जा सकते हैं। जो ग्राहक नियमित रूप से एक ही ब्रांड के पेट्रोल पंप से फ्यूल भरवाते हैं, वे इन कार्ड्स से अधिकतम रिटर्न निकाल पाते हैं, क्योंकि उनकी ज्यादातर ट्रांजैक्शन पार्टनर नेटवर्क के भीतर होती हैं।

कार्ड चुनते समय किन बातों पर नज़र रखें?

विशेषज्ञ मानते हैं कि फ्यूल क्रेडिट कार्ड लेते समय सिर्फ रिवॉर्ड प्वाइंट की संख्या देखकर फैसला करना गलती हो सकती है। इसके साथ-साथ कार्ड की मंथली फ्यूल लिमिट, रिवॉर्ड प्वाइंट की असली वैल्यू, फ्यूल सरचार्ज वेवर की शर्तें और सालाना फीस जैसे फैक्टर भी समझना जरूरी है। कई कार्ड्स में हाई रिवार्ड सिर्फ एक निश्चित सीमा तक के फ्यूल खर्च पर ही मिलता है, उसके बाद वही कार्ड नॉर्मल कार्ड की तरह व्यवहार करने लगता है और इफेक्टिव बचत घट जाती है।

कुछ फ्यूल क्रेडिट कार्ड ऐसे भी हैं जो सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि किराना, यूटिलिटी बिल और रोजमर्रा की शॉपिंग पर भी अतिरिक्त रिवॉर्ड या कैशबैक ऑफर करते हैं, जिससे कार्ड का कुल फायदा काफी बढ़ जाता है। अगर ग्राहक सालाना फीस को भी गणना में शामिल करके देखे कि रिवॉर्ड और कैशबैक से मिलने वाला कुल लाभ उस फीस से कितना ज्यादा है, तभी असली तस्वीर साफ हो पाती है।

रिवॉर्ड प्वाइंट की वैल्यू और समय पर रिडेम्प्शन

फ्यूल क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट का सीधा मतलब “फ्यूचर डिस्काउंट” से है, लेकिन उनकी वैल्यू कार्ड और बैंक के हिसाब से बदलती रहती है। आमतौर पर इन प्वाइंट्स को दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है – सीधे पेट्रोल-डीजल भरवाते समय बिल घटाने के लिए या फिर इन्हें फ्यूल वाउचर, गिफ्ट वाउचर या अन्य मर्चेंडाइज में बदलकर। हालांकि इन रिवॉर्ड प्वाइंट्स की एक एक्सपायरी डेट तय होती है और अगर समय पर इन्हें रिडीम नहीं किया गया तो सारी कमाई बेकार जा सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहक महीने या तिमाही में एक बार अपने कार्ड का स्टेटमेंट या मोबाइल ऐप चेक कर लें और देख लें कि कितने प्वाइंट जमा हो चुके हैं, ताकि समय रहते उन्हें फ्यूल या वाउचर में बदला जा सके।

सही इस्तेमाल से बन सकता है मजबूत बचत टूल

फ्यूल क्रेडिट कार्ड खुद-ब-खुद बचत नहीं कराते, बल्कि बचत उसी समय होती है जब कार्डहोल्डर इन्हें अनुशासन के साथ इस्तेमाल करे और समय पर पूरा बिल चुकाए। अगर कोई ग्राहक सिर्फ मिनिमम अमाउंट भरकर बाकी बकाया पर ऊंचा इंटरेस्ट देता रहेगा, तो वही ब्याज उसकी फ्यूल बचत को निगल सकता है। वहीं दूसरी तरफ, जो यूज़र हर महीने फुल पेमेंट करके, पार्टनर पेट्रोल पंप पर ही फ्यूल भरवाकर और समय-समय पर रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करके चलते हैं, उनके लिए ये कार्ड पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के बीच भी एक कारगर ढाल साबित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिस दौर में फ्यूल की कीमतें अनिश्चित हैं, वहां सही फ्यूल क्रेडिट कार्ड, समझदारी से इस्तेमाल किए जाने पर, आम परिवार के बजट को थोड़ा हल्का करने वाला एक व्यावहारिक वित्तीय टूल बन सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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