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बैंकों की मनमानी पर रोक! लोन के साथ जबरन इंश्योरेंस बेचा तो खैर नहीं, वित्त मंत्री की सख्त चेतावनी—ऐसे करें शिकायत

बैंकों की ज़बरदस्ती अब नहीं चलेगी! होम लोन के साथ थोपे जाने वाले महंगे इंश्योरेंस और 'मिस-सेलिंग' पर वित्त मंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। जानें RBI के नए नियम, रिफंड की प्रक्रिया और कैसे आप अपनी शिकायतों के ज़रिए बैंक की मनमानी पर लगाम लगा सकते हैं।

By Pinki Negi

बैंकों की मनमानी पर रोक! लोन के साथ जबरन इंश्योरेंस बेचा तो खैर नहीं, वित्त मंत्री की सख्त चेतावनी—ऐसे करें शिकायत
बैंकों की मनमानी पर रोक

अगर आप बैंक से लोन लेते समय जबरदस्ती इंश्योरेंस या कोई दूसरा प्रोडक्ट बेचे जाने से परेशान हैं, तो अब आपको राहत मिलने वाली है। सरकार ने बैंकों द्वारा की जाने वाली इस ‘मिस्‍सेलिंग’ पर सख्त रुख अपनाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को साफ चेतावनी दी है कि वे ग्राहकों को गुमराह करना और उन पर फालतू के वित्तीय प्रोडक्ट्स थोपना बंद करें। अब बैंक कर्मचारी आपको कोई भी पॉलिसी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे, और ऐसा करना उनके लिए भारी पड़ सकता है।

बैंकों द्वारा गलत तरीके से इंश्योरेंस बेचने पर सख्त कार्रवाई

वित्त मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राहकों को उनकी मर्जी के बिना या गलत जानकारी देकर इंश्योरेंस बेचना एक गंभीर अपराध है। बैंकों को हिदायत दी गई है कि वे मुनाफे के चक्कर में ग्राहकों पर दबाव न डालें, क्योंकि ऐसी गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई बैंक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसका सीधा मकसद बैंकिंग सेवाओं को पारदर्शी और ग्राहक-हितैषी बनाना है।

बैंकों को चेतावनी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपना पूरा ध्यान ग्राहकों का पैसा जमा करने और उन्हें लोन देने जैसे मुख्य कार्यों पर लगाएं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैंक आजकल अपना असली काम छोड़कर ग्राहकों को जबरदस्ती इंश्योरेंस बेचने में लगे रहते हैं।

वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों को गुमराह करना या ‘मिस-सेलिंग’ करना अब ‘भारतीय न्याय संहिता’ के तहत एक अपराध माना जाएगा। बैंकों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वे मुनाफे के लिए ग्राहकों पर दबाव न डालें, वरना उन्हें गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

1 जुलाई से बदलेंगे बैंकिंग नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंक की मनमानी से बचाने के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जो 1 जुलाई से लागू होने की संभावना है। नए नियमों के तहत, यदि कोई बैंक गलत जानकारी देकर आपको कोई प्रोडक्ट (जैसे इंश्योरेंस) बेचता है, तो बैंक को न केवल आपका पूरा पैसा वापस करना होगा, बल्कि आपके नुकसान की भरपाई भी करनी होगी।

आरबीआई ने ‘जबरन बंडलिंग’ पर भी रोक लगा दी है, जिसका मतलब है कि अब कोई भी बैंक लोन देने के बदले आपको कोई दूसरा निवेश या पॉलिसी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएगा। इन नियमों पर 4 मार्च तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं, ताकि बैंकिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।

होम लोन पर जबरन इंश्योरेंस का खेल अब होगा खत्म

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों की उस कार्यशैली पर सवाल उठाया है जहाँ होम लोन के बदले ग्राहकों को नया इंश्योरेंस खरीदने पर मजबूर किया जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब ग्राहक पहले से ही अपने घर या जमीन के कागजात बैंक के पास गिरवी रख देता है, तो उस पर अलग से इंश्योरेंस का बोझ डालना पूरी तरह गलत है।

अक्सर ग्राहकों के पास पहले से लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस होता है, फिर भी बैंक उन पर नया प्लान थोपते हैं। अब तक रेगुलेटर्स के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठाकर बैंक बचते रहे हैं, लेकिन अब इस ‘जबरन बंडलिंग’ (Compulsory Bundling) को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी।

टारगेट नहीं, ग्राहकों की जरूरत और भरोसे पर दें ध्यान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनका असली काम ग्राहकों की बचत जमा करना और जिम्मेदारी से लोन देना है, न कि जबरदस्ती दूसरे प्रोडक्ट बेचना। उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की आय और उनकी जरूरतों को समझकर सेवा देनी चाहिए।

बैंक अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे केवल अपने टारगेट पूरे करने के बजाय ग्राहकों के साथ भरोसा और मजबूत रिश्ता बनाएं। बैंकों को अब अपना ध्यान ‘कासा’ (CASA) यानी सेविंग और करंट अकाउंट जैसे कम लागत वाले फंड जुटाने पर केंद्रित करना चाहिए। वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि लोगों को गुमराह करके बिजनेस बढ़ाना अब मुमकिन नहीं होगा।

बैंकिंग सेक्टर की मजबूती

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकिंग सिस्टम की स्थिरता पर भरोसा जताते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। वर्तमान में बैंकों में पैसा जमा होने की रफ्तार (डिपॉजिट ग्रोथ) 12.5% है, जबकि लोन देने की दर 14.5% पर बनी हुई है। उन्होंने बाजार को आश्वस्त किया है कि बैंकों के पास नकदी (कैश) की कोई कमी नहीं है और सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध है। आरबीआई गवर्नर ने साफ किया कि केंद्रीय बैंक बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर जरूरी कदम उठाएगा ताकि आम लोगों को बैंकिंग सेवाओं और लोन मिलने में किसी भी तरह की रुकावट का सामना न करना पड़े।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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