
आजकल किसानों और पशुपालकों के लिए अपनी फसल या मछलियों को चोरी और आवारा जानवरों से बचाना एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। इस समस्या को हल करने के लिए ‘सोलर कैमरा टेक्नोलॉजी’ एक वरदान साबित हो रही है। मात्र ₹10,000 से ₹12,000 के खर्च में लगने वाला यह कैमरा बिना बिजली के चलता है और खेत में किसी भी अनजान हलचल को देखते ही तुरंत आपके मोबाइल पर सायरन बजा देता है। इस तकनीक की मदद से किसान अब घर बैठे अपने खेत की निगरानी कर सकते हैं और रात-भर जागकर रखवाली करने के तनाव से मुक्ति पा सकते हैं।
बिना बिजली और बिना मजदूर के होगी खेत की चौकसी
सोलर कैमरा तकनीक की सबसे बड़ी ताकत इसका आत्मनिर्भर होना है। यह पूरी तरह धूप से चार्ज होता है, इसलिए बिजली न होने पर भी यह 24 घंटे काम करता है। बिहार के शिवहर जिले के युवा किसान रूपेश सिंह इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। जो पहले मछली पालन के लिए रात-भर जागते थे या महंगे मजदूर रखते थे, अब इस कैमरे की मदद से निश्चिंत हैं। हैरानी की बात यह है कि एक मजदूर की एक महीने की सैलरी से भी कम खर्च में यह डिवाइस साल भर आपके खेत का वफादार चौकीदार बना रहता है।
दो कैमरों से करें पूरे 3 एकड़ फार्म की निगरानी
इस सोलर कैमरे की क्षमता वाकई हैरान करने वाली है। सिर्फ एक कैमरा करीब 2 बीघा जमीन पर पैनी नजर रख सकता है। अगर आपके पास 3 एकड़ जैसा बड़ा खेत या तालाब है, तो मात्र दो कैमरे ही पूरे इलाके को सुरक्षित करने के लिए काफी हैं। इसके सेंसर इतने सटीक हैं कि यह इंसान हो या जानवर, हर छोटी-बड़ी हलचल को तुरंत पकड़ लेते हैं और मालिक के मोबाइल पर अलर्ट भेज देते हैं। सबसे बड़ी बात इसका दमदार बैटरी बैकअप है, जो बादल छाए रहने या बारिश के दिनों में भी बिना रुके काम करता रहता है।
दुनिया के किसी भी कोने से देखें अपना खेत
आर्थिक रूप से देखें तो दो कैमरों का पूरा सेटअप लगभग ₹20,000 में तैयार हो जाता है। इसमें इंटरनेट के लिए बस एक सिम कार्ड की जरूरत होती है। साल में एक बार सिम रिचार्ज कराइए और फिर आप चाहे कहीं भी हों, अपने मोबाइल पर खेत की लाइव वीडियो देख सकते हैं। यह तकनीक बागवानी, मछली पालन और डेयरी फार्म जैसे व्यवसायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कम निवेश में मिलने वाली यह सुरक्षा न केवल मजदूरों का खर्च बचाती है, बल्कि किसानों को चोरी के डर से मुक्त कर मानसिक शांति भी देती है।









