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PM Kisan 2026: बजट से पहले किसानों की मौज! राशि बढ़ने समेत मिलेंगे ये 7 बड़े तोहफे, देखें सरकार का मास्टरस्ट्रोक

बजट 2026 से पहले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है! सरकार 'पीएम किसान योजना' की राशि में बढ़ोतरी के साथ 7 नए बड़े तोहफों का ऐलान कर सकती है। क्या आपकी किश्त भी बढ़ने वाली है? पूरी जानकारी के लिए अभी पढ़ें।

By Pinki Negi

PM Kisan 2026: बजट से पहले किसानों की मौज! राशि बढ़ने समेत मिलेंगे ये 7 बड़े तोहफे, देखें सरकार का मास्टरस्ट्रोक
PM Kisan 2026

वर्ष 2026 भारतीय किसानों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। केंद्र सरकार इस साल खेती की लागत कम करने और किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए कई बड़े कदम उठाने जा रही है। बढ़ती महंगाई और मौसम के जोखिम को देखते हुए, सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुँचाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। अगर ये प्रस्तावित योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो यह साल खेती-किसानी के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस साल किसानों की झोली में कौन सी 7 बड़ी सौगातें गिरने वाली हैं।

पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में हो सकती है बढ़ोतरी

नए साल 2026 के बजट में केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के तहत मिलने वाली सालाना राशि को बढ़ाने पर विचार कर रही है। वर्तमान में किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है, जिसे बढ़ाकर अब ₹8,000 से ₹10,000 किया जा सकता है। खेती में इस्तेमाल होने वाले खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार यह बड़ा फैसला ले सकती है। इस वृद्धि का सीधा उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत देना है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बोझ के अपनी खेती-किसानी जारी रख सकें।

MSP का नया सुरक्षा कवच

साल 2026 में केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था को और भी मजबूत बनाने की तैयारी में है। इस साल न केवल गेहूं और धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य बढ़ाया जाएगा, बल्कि दालों और तिलहनों की खरीद का दायरा भी काफी बड़ा होने की उम्मीद है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर खुले बाजार में फसलों की कीमतें गिरती हैं, तो भी किसानों को सरकार द्वारा तय किए गए गारंटीड दाम मिलेंगे। यह कदम किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाएगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य दिलाने में मददगार साबित होगा।

फसल बीमा योजना 2026

वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में क्रांतिकारी सुधार होने जा रहे हैं, जिससे किसानों को मुआवजे के लिए अब महीनों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। सरकार अब नुकसान का आकलन करने के लिए सैटेलाइट और ड्रोन जैसी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी। चाहे बाढ़ हो, सूखा हो या बेमौसम ओलावृष्टि, नए नियमों के तहत क्लेम सेटलमेंट की रफ्तार को दोगुना किया जाएगा। इसके अलावा, मौसम आधारित बीमा मॉडल को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि मौसम की अनिश्चितताओं के बीच किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

नकली बीज और खाद पर लगेगी लगाम

खेती में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सरकार 2026 में नया बीज कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून का मुख्य मकसद बाजार में बिकने वाले नकली बीज और मिलावटी खाद पर पूरी तरह रोक लगाना है। अब नकली सामान बेचने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले (High Quality) बीज उपलब्ध होंगे, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी और मेहनत बर्बाद नहीं होगी। यह सुधार खेती की लागत घटाने और बेहतर फसल उत्पादन सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

खेती के लिए सस्ती बिजली और बेहतर सिंचाई योजना

सरकार अब किसानों की खेती की लागत कम करने के लिए सिंचाई पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत मुफ्त या सस्ती बिजली योजना का विस्तार किया जाएगा, ताकि हर खेत तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य पूरा हो सके। इस पहल से न केवल किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक तकनीकों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पानी की बचत होगी और कम लागत में फसलों की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

डिजिटल किसान कार्ड

साल 2026 तक किसानों को डिजिटल किसान कार्ड मिलने की उम्मीद है, जो खेती से जुड़ी तमाम प्रक्रियाओं को आसान बना देगा। इस एक कार्ड में किसान की जमीन और उसकी फसलों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद होगी। इतना ही नहीं, खेती के लिए मिलने वाली सब्सिडी और फसल बीमा का विवरण भी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन

भारत सरकार अब देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर विशेष जोर दे रही है। इस योजना के अंतर्गत तुअर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दालों को 100% न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे जाने की संभावना है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर और सही दाम मिलेगा, जिससे वे दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य दालों के आयात को कम करना और देश को इस क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

साल 2026 भारतीय किसानों के लिए खुशहाली और बड़ी राहत

आने वाला साल 2026 भारतीय किसानों के लिए खुशहाली और बड़ी राहत लेकर आ सकता है। सरकार की नई योजनाओं और डिजिटल सुधारों से खेती को न केवल मजबूती मिलेगी, बल्कि इसमें स्थिरता भी आएगी। इन प्रयासों से किसानों की आर्थिक सुरक्षा पुख्ता होगी और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। कुल मिलाकर, 2026 का वर्ष देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने वाला साल बन सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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