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Petrol-Diesel Price: एक्साइज ड्यूटी घटने से क्या सस्ता होगा पेट्रोल? आसान भाषा में समझें तेल की कीमतों का पूरा गणित

ईरान–इजरायल जंग के बीच दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। इस दबाव के बावजूद सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर पूरी ड्यूटी शून्य कर दी है, ताकि तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई हो और आम आदमी को ईंधन बढ़ती महंगाई से बचाया जा सके।

By Pinki Negi

Petrol-Diesel Price: एक्साइज ड्यूटी घटने से क्या सस्ता होगा पेट्रोल? आसान भाषा में समझें तेल की कीमतों का पूरा गणित

इजरायल और ईरान के बीच पिछले 28 दिनों से जारी संघर्ष से दुनिया भर के तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद कर दी, जिससे कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई। इस उथल‑पुथल के बीच भारत के लिए भी संकट की आशंका थी, लेकिन सरकार की तरफ से जारी आश्वासन है कि देश में 60 दिन का तेल रिजर्व मौजूद है; यानी 6 दिन की सप्लाई वाली अफवाह अनावश्यक है।

सरकार का बड़ा कदम

इस ग्लोबल तेल‑अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10‑10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती कर दी है। इस बदलाव के बाद, पेट्रोल पर एक्साइज 13 रुपये प्रति लीटर से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह शून्य कर दी गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि यह घटोत्तरी पंप पर कितनी कीमत में कमी दिखाएगी, लेकिन सरकार की साफ नीति यह है कि इसका सीधा फायदा तेल कंपनियों को दिया जाए, न कि अभी सीधे ग्राहकों तक।

क्यों घटाई गई एक्साइज?

ईरान–इजरायल विवाद और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव ने मध्यपूर्व के तेल‑मार्गों पर भारी दबाव डाला है। होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जैसी परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL आदि) की लागत बढ़ गई; आमतौर पर ऐसे में कंपनियाँ खर्च की भरपाई के लिए पेट्रोल‑डीजल के दाम बढ़ाती हैं, जिसका बोझ आम आदमी पर पड़ता और महंगाई दर ऊपर चढ़ जाती।

सरकार ने इसी दौर में आम उपभोक्ता को राहत देने के लिए यह निर्णय लिया कि तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए अपनी तरफ से 10‑10 रुपये की ड्यूटी कम की जाए।

आम आदमी को क्या फायदा?

सरकार की दलील है कि अगर एक्साइज न घटाई जाती, तो तेल कंनपियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों की वजह से 30 फीसदी तक दाम बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती थी; ऐसा ही ज्यादातर देशों में हुआ। अब एक्साइज में कमी से कंपनियों के घाटे की भरपाई हो रही है, इसलिए वे पेट्रोल‑डीजल की खुदरा कीमत में इजाफे की स्थिति से बच सकती हैं। यानी आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अंतराष्ट्रीय तेल‑संकट के बीच भी देश में ईंधन के दामों पर बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं दर्ज हो रही।

एक्साइज ड्यूटी का “खेल” समझें

पेट्रोल‑डीजल की अंतिम कीमत एक गुत्थी नहीं बल्कि तीन‑चार बड़ी चीजों से बनती है: कच्चे तेल की लागत, रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट की लागत, डीलर कमीशन, राज्य का VAT और सबसे ज्‍यादा असर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी का। अब जब सरकार ने यह एक्साइज कम कर दी है, तो तेल कंपनियों की टैक्स‑लागत गिर गई; अगर वे अपना मार्जिन नहीं बढ़ातीं तो खुदरा दाम में गिरावट भी आ सकती है, लेकिन अभी स्पष्ट रूप से ऐलान किया गया है कि यह कटौती उन्हें वित्तीय राहत देने के लिए है, न कि ग्राहकों को तत्काल सस्ता ईंधन देने के लिए।

पेट्रोलियम मंत्री का बयान

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने एक X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं, जिससे पूरी दुनिया में ईंधन महंगा हो गया। उनके मुताबिक, सरकार के पास दो ही रास्ते थे: या तो देश के लोगों के ऊपर दामों का बोझ डाल दिया जाए, जैसा कई देशों ने किया, या सरकार खुद वित्तीय बोझ उठाकर नागरिकों को अस्थिर बाजार से बचाया जाए। सरकार ने अपने इस फैसले से यही साफ कर दिया है कि वह इंटरनेशनल युद्ध‑तनाव का बोझ आम भारतीय की जेब पर नहीं थोपेगी, बल्कि खुद टैक्स और राजस्व की गिरावट झेलना स्वीकार करेगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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