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New Wage Code: 1 अप्रैल से बदलेगी आपकी ‘इन-हैंड’ सैलरी! 50% वेज लिमिट नियम से कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, पर कटेगा ज्यादा PF

क्या 1 अप्रैल से आपकी टेक-होम सैलरी कम होने वाली है? नए वेज कोड के 50% बेसिक सैलरी नियम से आपकी इन-हैंड सैलरी और पीएफ कटौती पर बड़ा असर पड़ेगा। जानें कैसे यह बदलाव आपकी रिटायरमेंट बचत को कई गुना बढ़ा देगा।

By Pinki Negi

New Wage Code: 1 अप्रैल से बदलेगी आपकी 'इन-हैंड' सैलरी! 50% वेज लिमिट नियम से कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, पर कटेगा ज्यादा PF।
New Wage Code

अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की अनिवार्य सैलरी लिमिट को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो देश के लाखों कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी पीएफ सेविंग बढ़ जाएगी, जिससे आप रिटायरमेंट के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा जमा कर सकेंगे।

1 अप्रैल से लागू हो सकती है नई PF लिमिट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ईपीएफओ (EPFO) के इस बड़े बदलाव को 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव पर अगले महीने होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की मीटिंग में अंतिम मुहर लग सकती है। आपको बता दें कि फिलहाल केवल उन कर्मचारियों के लिए पीएफ (PF) काटना अनिवार्य है जिनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 तक है। इस सीमा को आखिरी बार 2014 में बदला गया था, और अब पूरे 12 साल बाद इसे बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने की उम्मीद है।

अब ₹25,000 तक की सैलरी वाले भी होंगे PF के दायरे में

साल 2014 के बाद कई कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने से वे पीएफ (PF) के अनिवार्य दायरे से बाहर हो गए थे। अब सरकार की इस नई पहल से ₹15,001 से ₹25,000 के बीच कमाने वाले करोड़ों कर्मचारी फिर से ईपीएफ (EPF) का हिस्सा बन सकेंगे। हालांकि, इस बदलाव का एक छोटा असर यह होगा कि ₹25,000 तक सैलरी पाने वालों की ‘इन-हैंड सैलरी’ (हाथ में आने वाली तनख्वाह) थोड़ी कम हो जाएगी, क्योंकि अब उनके वेतन का एक हिस्सा भविष्य की बचत के रूप में पीएफ खाते में जमा होगा।

आपकी बचत बढ़ेगी और इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा यह असर

पीएफ (EPF) की कटौती हमेशा बेसिक सैलरी के एक निश्चित प्रतिशत पर निर्भर करती है। वर्तमान में ₹15,000 की बेसिक सैलरी पर कुल 24% योगदान दिया जाता है, जिसमें से 12% (₹1,800) कर्मचारी की जेब से और 12% कंपनी की ओर से जमा होता है। लेकिन, यदि नई लिमिट ₹25,000 लागू होती है, तो कर्मचारी का हिस्सा बढ़कर ₹3,000 हो जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि आपकी इन-हैंड सैलरी में ₹1,200 की कमी आएगी, लेकिन उतनी ही राशि कंपनी भी ज्यादा जमा करेगी। अंततः, यह पैसा आपके रिटायरमेंट फंड को बहुत बड़ा बना देगा, जो आपके भविष्य को सुरक्षित रखेगा।

पुराना vs नया पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन

विवरणवर्तमान (Limit ₹15,000)प्रस्तावित (Limit ₹25,000)अंतर
कर्मचारी का हिस्सा (12%)₹1,800₹3,000+₹1,200 (बचत)
कंपनी का हिस्सा (12%)₹1,800₹3,000+₹1,200 (फायदा)
कुल मासिक बचत₹3,600₹6,000+₹2,400

कंपनियों की बढ़ेगी लागत, पर कर्मचारियों को मिलेगी बेहतर सोशल सिक्योरिटी

ईपीएफ (EPF) की नई लिमिट लागू होने से उन कंपनियों का खर्च बढ़ जाएगा जो ज्यादा कर्मचारियों पर निर्भर हैं, क्योंकि अब उन्हें भी हर कर्मचारी के लिए ज्यादा पीएफ योगदान देना होगा। जहाँ कई कंपनियां इस बढ़ते खर्च को लेकर चिंतित हैं, वहीं सरकार का मानना है कि यह कदम कर्मचारियों के हित में है। जब ₹25,000 की नई लिमिट लागू होगी, तो न केवल पीएफ जमा राशि बढ़ेगी, बल्कि आपकी पेंशन (EPS) और बीमा कवर (EDLI) भी नए सैलरी लेवल के हिसाब से बढ़ जाएंगे। इससे नौकरीपेशा लोगों को भविष्य के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी हलचल

EPFO की सैलरी लिमिट में बदलाव की प्रक्रिया अब और तेज हो गई है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इसे चार महीने के भीतर अपडेट करने का आदेश दिया है। अदालत का मानना है कि पिछले 10 वर्षों से पुरानी लिमिट ही लागू है, जबकि महंगाई और लोगों की सैलरी काफी बढ़ चुकी है, जिससे कई कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। सरकार का यह कदम कर्मचारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने और महंगाई के दौर में उन्हें बेहतर पेंशन और बचत की सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक फैसला साबित होगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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