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EPFO का बड़ा तोहफा! अब बिना क्लेम के ही मिल जाएगा बंद खातों का पैसा, जानें नए नियम से आपको क्या होगा फायदा

EPFO लाया क्रांतिकारी ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम! अब 3 साल से निष्क्रिय खातों का ₹1,000 तक का पैसा बिना क्लेम फॉर्म के सीधे बैंक खाते में आएगा। पहले चरण में 7.11 लाख आधार-लिंक खातों को ₹30.52 crore की राशि मिलेगी। केवल KYC और आधार लिंकिंग जरूरी है। यह पहल ₹5,200 करोड़ फंसी राशि क्लियर करेगी, प्रशासनिक बोझ घटाएगी और लाखों कर्मचारियों को बिना झंझट उनके हकदारी दिलाएगी।

By Pinki Negi

EPFO का बड़ा तोहफा! अब बिना क्लेम के ही मिल जाएगा बंद खातों का पैसा, जानें नए नियम से आपको क्या होगा फायदा

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब एक क्रांतिकारी ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम लाने की अंतिम तैयारी में है, जिसके तहत लंबे समय से बंद (निष्क्रिय) EPF खातों में फंसा करीब ₹5,200 करोड़ का पैसा खाताधारकों को बिना किसी क्लेम फॉर्म, बिना नियोक्ता हस्ताक्षर और बिना कागजी कार्रवाई के सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

नया प्लान क्या है?

EPFO का यह नया सिस्टम खास तौर पर उन 31.8 लाख निष्क्रिय खातों के लिए बनाया जा रहा है, जिनमें लगातार 36 माह (3 वर्ष) से कोई लेन-देन नहीं हुआ है । श्रम मंत्रालय की ओर से दिया गया यह निर्णय लाखों उन कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा, जो नौकरी बदलते ही अपने पुराने PF खातों को भूल जाते हैं और उनमें फंसी राशि को निकालने की झंझट में नहीं पड़ते ।

इस प्रक्रिया के तहत EPFO स्वचालित तरीके से पात्र खातों की पहचान करेगा और राशि को सीधे UAN से लिंक बैंक खाते में क्रेडिट कर देगा। शुरुआत में यह सुविधा लगभग 8.1 लाख ऐसे आधार-वेरिफाइड खातों पर लागू होगी ।

छोटे अमाउंट से होगी शुरुआत

योजना के पहले चरण में ₹1,000 या उससे कम बैलेंस वाले खातों को प्राथमिकता दी जा रही है। फरवरी 2026 तक लगभग 7.11 लाख ऐसे खाते पहचाने गए हैं, जिनमें कुल ₹30.52 करोड़ रकम पड़ी है । यदि आपका पुराना EPF खाता आधार से लिंक है और KYC पूर्ण है, तो यह राशि बिना किसी आवेदन के 72 घंटों के भीतर आपके बैंक खाते में आ सकती है ।​

भविष्य में इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख तक करने की योजना है, जिससे और भी ज्यादा खाताधारकों को सीधा फायदा मिल सकेगा ।

निष्क्रिय खातों का बड़ा आंकड़ा

फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 31.8 लाख EPF खाते निष्क्रिय हैं, जिनमें कुल ₹10,000 करोड़ से अधिक की राशि फंसी है । इसमें:

  • 14,000 खातों में ₹5 लाख से अधिक,
  • 38,000 खातों में ₹1 लाख से ₹5 लाख तक,
  • 41,000 खातों में ₹50,000 से ₹1 लाख तक की रकम पड़ी है ।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि केवल छोटी राशि ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों का महंगाई से वंचित पैसा बिना इस्तेमाल के पड़ा है ।

किसे मिलेगा सबसे पहले फायदा?

EPFO ने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर 2017 के बाद से जोड़े गए उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका UAN-आधार लिंकिंग पहले से हो चुका है और KYC पूरा है । यदि आपके खाते में आधार लिंक नहीं है, तो पैसा अपने-आप ट्रांसफर नहीं होगा और आपको पारंपरिक क्लेम प्रक्रियाfollow करनी होगी ।

क्यों है यह कदम जरूरी?

यह पहल न केवल लाखों कर्मचारियों के फंसे पैसे को वापस दिलाएगी, बल्कि EPFO सिस्टम में पारदर्शिता और त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेगी। पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) में ही EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट के जरिए 2.34 करोड़ एडवांस दावों का निपटारा किया, जो पिछले साल की तुलना में 161% की वृद्धि है ।

अब आपको क्या करना चाहिए?

  1. UAN पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर लॉगिन करें।
  2. KYC सेक्शन में जाकर आधार, पैन और बैंक डिटेल्स (अकाउंट नंबर + IFSC) की पुष्टि करें।
  3. सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार-लिंक हो।

अगर ये तीने शर्तें पूरी हैं, तो आपको कुछ भी नहीं करना– पैसा अपने-आप आएगा। EPFO का यह ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम मई-जून 2026 तक पहले चरण का निपटारा पूरा कर सकता है, जो कर्मचारी वर्ग के लिए एक बड़ा सुविधाकारी कदम साबित होगा ।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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