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Salary Alert: कर्मचारियों को बड़ा झटका! अप्रैल से कटकर आएगी सैलरी, जेब पर सीधा असर डालेगा यह नया नियम

1 अप्रैल 2026 से नए श्रम कानूनों ने सैलरी स्ट्रक्चर बदल दिया। बेसिक पे CTC का 50% अनिवार्य होने से PF कटौती दोगुनी हो गई। 1 लाख CTC पर 4,800 रुपये मासिक ज्यादा कटेंगे। IT-सर्विस सेक्टर के युवा सबसे प्रभावित। लॉन्ग टर्म में रिटायरमेंट बेनिफिट बढ़ेगा, लेकिन इन-हैंड सैलरी 5-10% घटी। #LabourLaw2026

By Pinki Negi

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1 अप्रैल 2026 से लागू नए श्रम कानूनों ने सैलरी स्ट्रक्चर को हमेशा के लिए बदल दिया है। मार्च में जो सैलरी हाथ में आ रही थी, अप्रैल की पे-स्लिप में वो 5-10 फीसदी तक कम नजर आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण बेसिक पे को कुल CTC का 50 फीसदी अनिवार्य करना है, जिससे PF और अन्य कटोतियां बढ़ गई हैं। सरकार के Code on Wages 2019 और Code on Social Security 2020 को पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जो 60 साल पुरानी प्रथा को खत्म करता है।

पुरानी सैलरी संरचना

पहले कंपनियां सैलरी का ज्यादातर हिस्सा भत्तों में बांट देती थीं। बेसिक पे मात्र 20-30 फीसदी रखा जाता था, ताकि PF (12 फीसदी बेसिक पर), ग्रेच्युटी और ESIC जैसी कटोतियां कम हों। HRA, स्पेशल अलाउंस, LTA और मेडिकल भत्तों के नाम पर बाकी राशि टैक्स-फ्री या कम टैक्स वाली बनाई जाती थी। इससे कर्मचारियों को महीने के आखिर में ज्यादा इन-हैंड अमाउंट मिलता था। लेकिन नए नियमों ने इस लूपहोल को बंद कर दिया।

बेसिक पे पर नए नियम

अब बेसिक पे + DA को CTC का न्यूनतम 50 फीसदी करना जरूरी है। छोटी कंपनियां भी इससे अछूती नहीं हैं, क्योंकि ये चार नए लेबर कोड्स (वेजेस, सोशल सिक्योरिटी, इंडस्ट्रियल रिलेशंस और ओएसएच कोड) का हिस्सा हैं।

PF कटौती में वृद्धि

इस बदलाव का सीधा असर PF पर पड़ा है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की मंथली CTC 1 लाख रुपये है। पुरानी संरचना में बेसिक 30,000 रुपये था, तो कर्मचारी का PF योगदान 3,600 रुपये (12%) और नियोक्ता का बराबर होता था। कुल 7,200 रुपये PF में चला जाता। लेकिन अब बेसिक 50,000 रुपये हो गया। कर्मचारी का कट 6,000 रुपये, नियोक्ता का 6,000 रुपये – कुल 12,000 रुपये। यानी हर महीने 4,800 रुपये ज्यादा PF में चले जाएंगे। हाथ में आने वाली सैलरी सीधे कम हो गई।

प्रभावित सेक्टर और कर्मचारी

अगर CTC 50,000 रुपये की है, तो कटौती 1,200-2,000 रुपये तक बढ़ सकती है। IT, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में लाखों युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कर्मचारी परेशान हैं, क्योंकि तात्कालिक खर्च जैसे EMI, घर का बजट और बच्चों की फीस पर असर पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर #SalaryCut और #LabourLaw2026 ट्रेंड कर रहा है।

लॉन्ग टर्म फायदे

विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव लॉन्ग टर्म में फायदेमंद है। बढ़ा PF रिटायरमेंट पर मिलेगा, ग्रेच्युटी बेसिक पर ज्यादा कैलकुलेट होगी और पेंशन सिक्योर होगी। नियोक्ता को भी CTC बढ़ाना पड़ सकता है, क्योंकि टैलेंट रिटेन करने के लिए कंपनियां सैलरी रिव्यू कर रही हैं। HR कंसल्टेंट्स बता रहे हैं कि कुछ फर्म्स ने अप्रैल सैलरी में ही एडजस्टमेंट किया है, जबकि बाकी मई तक इंतजार करवा रही हैं।

कर्मचारियों के लिए सलाह

क्या करें कर्मचारी? सबसे पहले अपनी पे-स्लिप चेक करें। HR से बात कर CTC बढ़ाने या भत्तों को रीयदजस्ट करने की मांग करें। टैक्स प्लानिंग में NPS या ELSS पर फोकस करें। सरकार ने हेल्पलाइन भी शुरू की है। ये बदलाव आर्थिक स्थिरता लाएंगे, लेकिन शुरुआती दर्द तो होगा ही। कुल मिलाकर, सैलरी कम लग रही है, मगर भविष्य सुरक्षित हो रहा है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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