
राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने 2026 के बोर्ड परीक्षा परिणामों को मई के बजाय मार्च में जारी करने का बड़ा फैसला लिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 5वीं व 8वीं की भी फरवरी-मार्च में संपन्न हो गईं। नए शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने के कारण रिजल्ट प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिससे लाखों छात्रों व अभिभावकों में हलचल मच गई है।
समय से पहले रिजल्ट की घोषणा
RBSE के सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कक्षा 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हो सकता है। कक्षा 12वीं का परिणाम 25 मार्च तक आने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 5वीं व 8वीं के नतीजे भी 25 मार्च से पहले घोषित हो सकते हैं, हालांकि बोर्ड ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की। यह बदलाव केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने से संभव हुआ, जो पारंपरिक मई रिलीज से काफी पहले है।
नई शैक्षणिक सत्र की शुरुआत
1 अप्रैल 2026 से कक्षा 5वीं व 8वीं का नया सत्र प्रारंभ होगा, इसलिए रिजल्ट पहले जारी करना जरूरी है। बोर्ड ने परीक्षा शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए फेज-2 परीक्षाओं पर असर न पड़े, इसके लिए विशेष व्यवस्था की। 10वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक चलीं, जिसमें 10.68 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इसी तरह, 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से 4 मार्च और 5वीं की 20 फरवरी से 5 मार्च तक दोपहर 1:30 से शाम 4 बजे तक आयोजित हुई।
पासिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव
राजस्थान बोर्ड ने 5वीं व 8वीं में ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को समाप्त कर दिया है। अब न्यूनतम अंक न लाने वाले छात्र फेल घोषित होंगे और उन्हें उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना पड़ेगा। फेल छात्रों के लिए स्कूल 45 दिनों के अंदर पुनः परीक्षा आयोजित करेंगे, जिससे बच्चे साल खराब होने से बच सकें। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों में जिम्मेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रिजल्ट चेक करने का तरीका
परिणाम जारी होने पर छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स rajeduboard.rajasthan.gov.in, rajresults.nic.in या rajshaladarpan.nic.in पर जाकर रोल नंबर व जन्मतिथि डालकर अंक जांच सकेंगे। कैप्चा भरने के बाद स्कोरकार्ड डाउनलोड हो जाएगा। बोर्ड चेयरमैन या शिक्षा मंत्री की प्रेस ब्रीफिंग में घोषणा होगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वेबसाइट पर ट्रैफिक अधिक होने पर वैकल्पिक साइट्स का उपयोग करें।
छात्रों व अभिभावकों में हलचल
इस फैसले से राजस्थान भर में छात्र उत्साहित हैं, क्योंकि जल्दी रिजल्ट आने से एडमिशन व काउंसलिंग प्रक्रिया तेज होगी। पिछले वर्षों में मई में आने वाले नतीजों से देरी होती थी, लेकिन इस बार समयबद्धता से नया सत्र सुचारू चलेगा। बोर्ड ने 6000 से अधिक केंद्रों पर परीक्षाएं निर्वाध रखीं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बनेगा।









