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NCERT Update: कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर! बदल गया हिंदी का सिलेबस, अब ‘गंगा’ किताब में पढ़नी होंगी ये नई चीजें

NCERT ने कक्षा 9वीं के लिए नई हिंदी किताब “गंगा” जारी कर दी है, जो नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सिलेबस को रटंत से हटाकर समझ, भारतीय संस्कृति और इतिहास पर केंद्रित करती है। इसमें देशभक्ति, वीरों की कहानियाँ और विविध रचनाएँ छात्रों को भाषा के साथ मूल्यों की गहराई से समझ दिलाती हैं।

By Pinki Negi

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नई शिक्षा नीति (NEP‑2020) के तहत भारतीय शिक्षा की दिशा बदलते हुए, कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नए सत्र 2026‑27 के लिए कक्षा 9 की हिंदी की नई पाठ्यपुस्तक “गंगा” जारी कर दी है, जो न सिर्फ सिलेबस में बदलाव को दर्शाती है, बल्कि छात्रों को भाषा के साथ‑साथ भारतीय संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की गहराई से समझ की तरफ भी ले जाने की कोशिश करती है। पिछले कुछ समय से छात्र सिलेबस बदलने के बाद नई किताबों का इंतजार कर रहे थे, तो अब यह इंतजार जल्द ही खत्म होने के संकेत दिख रहे हैं।

NCERT ने जारी की विभिन्न कक्षाओं की नई किताबों

1 अप्रैल से शुरू हो चुके नए शैक्षणिक सत्र 2026‑27 के साथ NCERT धीरे‑धीरे विभिन्न कक्षाओं की नई किताबों को जारी कर रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में जारी हुई कक्षा 9 की हिंदी की “गंगा” बुक स्टूडेंट्स, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अभी तक एनसीईआरटी की सभी नई किताबें पूरी तरह जारी नहीं हुई थीं, लेकिन अब जब हिंदी‑विषय के लिए नई पुस्तक सामने आ चुकी है, तो स्कूलों में पढ़ाई की दिशा भी बदलने लगी है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव NEP‑2020 के विज़न को ज़मीन पर उतारने का बड़ा कदम है, जिसमें रटंत‑आधारित पढ़ाई से हटकर समझ, विश्लेषण और भावनात्मक बोध पर ज़ोर दिए जाने की बात की गई है।

‘गंगा’ नाम क्यों और क्या संदेश?

किताब का नाम सुनते ही स्टूडेंट्स के मन में सवाल उठता है कि भारत की पवित्र नदी गंगा पर ही हिंदी पाठ्यपुस्तक का नाम क्यों रखा गया है। NCERT के निर्देशक और शिक्षाविदों की मानें तो इसका संदेश काफी साफ है: जैसे गंगा सागर तक अविरल बहती रहती है, वैसे ही हिंदी भाषा भी देश के विभिन्न कोनों तक फैली हुई है और लोगों को जोड़ती है। नदी की इस निरंतर धारा को ही भाषा के रूप में दर्शाने की कोशिश की गई है, ताकि छात्रों को यह एहसास हो कि हिंदी सिर्फ पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान, संस्कृति और अनुभवों का वाहक है।

क्या है गंगा बुक का विशेष?

“गंगा” नामक यह किताब अपनी सामग्री और संरचना में काफी विशिष्ट है। इसमें गद्य और पद्य (कविता) के साथ‑साथ ऐसे पाठ शामिल हैं जो छात्रों को समानता, भक्ति, देशभक्ति, गौरव और आधुनिक सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हैं। पाठों में झांसी की रानी, राम‑लक्ष्मण‑परशुराम संवाद जैसे ऐतिहासिक‑पौराणिक दृश्य, संत रैदास और नामदेव के पद, तथा अन्य ऐसी रचनाएँ दिखाई देती हैं, जो एक ओर भाषाई समझ बढ़ाती हैं तो दूसरी ओर राष्ट्रीय इतिहास और सामाजिक भावनाओं को भी जगाती हैं।

किताब में भारत के स्वतंत्रता संग्राम, वीरों की कहानियाँ और राष्ट्रवादी भावनाएँ भी जगह‑जगह नज़र आती हैं। जैसे “भारती जय विजयी करे” या इसी तरह की राष्ट्रीय भावना वाली कविताएँ और लेख, जो शत्रु के आधिपत्य से मुक्ति और देशप्रेम के विचार को छात्रों के मन में बैठाने की कोशिश करते हैं। इस तरह “गंगा” सिर्फ एक नई हिंदी पुस्तक नहीं, बल्कि छात्रों के लिए भाषा के साथ भारतीय संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की गहराई से समझने की एक निरंतर धारा बन जाती है।

सिलेबस और पढ़ाई की नई दिशा

नई शिक्षा नीति के तहत NCERT ने कक्षा 9वीं के हिंदी सिलेबस में भी बड़े बदलाव किए हैं। पहले Course A और Course B के रूप में अलग‑अलग पाठ्यपुस्तकें चलती थीं, लेकिन अब एक ही किताब “गंगा” दोनों स्तरों के लिए काम करेगी, जबकि कठिनाई के स्तर को पेपर के प्रश्न‑पैटर्न से तय किया जाएगा। इससे छात्रों पर अलग‑अलग किताबें याद करने का अतिरिक्त दबाव कम होता है और ध्यान ज़्यादा समझ और व्यावहारिक भाषा‑प्रयोग पर जाता है।

अब व्याकरण को सिर्फ अलग अध्याय के रूप में नहीं, बल्कि पाठों के संदर्भ में सिखाया जाएगा। जैसे संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, उपसर्ग‑प्रत्यय, वाक्य‑रूपांतरण आदि चीजें अपठित गद्य‑पद्य, निबंध‑लेखन, ई‑मेल या फॉर्मल लेटर जैसे कामों में लागू करने का अभ्यास किया जाएगा। परीक्षा में अपठित बोध, लेखन‑कौशल और व्याकरण‑प्रयोग को ज़्यादा वजन दिया जाएगा, ताकि रटंत की जगह विश्लेषण और अनुप्रयोग सामने आए।

छात्रों के लिए अगला कदम

अब जब “गंगा” किताब जारी हो चुकी है, तो छात्रों को ज़रूरत है कि वे नए सिलेबस को ध्यान से देखें, हर पाठ का अर्थ समझें, उस पर अपने शब्दों में निबंध या टिप्पणी लिखने की आदत डालें और देशभक्ति‑आधारित, इतिहास‑आधारित चर्चा में सक्रिय रहें। कई शिक्षाविदों के अनुसार, यह किताब अगर सही ढंग से पढ़ी जाए, तो कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए भारतीय संस्कृति और इतिहास के साथ‑साथ भाषा की दुनिया में एक नई खिड़की खोल सकती है।

इस तरह, NCERT की नई हिंदी किताब “गंगा” कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए सिर्फ एक नई पाठ्यपुस्तक नहीं, बल्कि नई शिक्षा नीति के दौर आने की घोषणा की तरह है, जो रटंत से हटकर समझ, गौरव और भाषा‑संस्कृति की निरंतर धारा को छात्रों तक ले आने की कोशिश करती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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