
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) ने विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है। कोविड-19 महामारी और यूक्रेन युद्ध के दौरान ऑनलाइन क्लासेस लिए छात्रों को अब उनकी पेंडिंग पढ़ाई की भरपाई के लिए अनिवार्य ऑनसाइट ट्रेनिंग करनी होगी। बिना इसके मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है, जो हजारों भारतीय छात्रों के सपनों पर भारी पड़ सकता है।
ऑनलाइन पढ़ाई क्यों बनी समस्या?
कोरोना काल और युद्ध की वजह से कई छात्रों ने विदेशी मेडिकल कॉलेजों में थ्योरी व प्रैक्टिकल सेमेस्टर ऑनलाइन पूरे किए। NMC के अनुसार, मेडिकल शिक्षा में क्लिनिकल अनुभव व प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अनिवार्य है, जो वर्चुअल मोड से संभव नहीं। इसलिए, ऑनलाइन अवधि के बराबर समय की फिजिकल क्लासेस और क्लिनिकल ट्रेनिंग भारत के मेडिकल कॉलेजों में करनी होगी। उदाहरणस्वरूप, अगर 6 महीने ऑनलाइन पढ़ाई हुई, तो उतने ही समय की अतिरिक्त ऑफलाइन ट्रेनिंग जरूरी। यह नियम पढ़ाई की कुल अवधि कम किए बिना लागू होगा।
किन छात्रों पर लागू?
यह आदेश मुख्यतः 18 नवंबर 2021 से पहले एडमिशन लेने वाले FMGs पर फिट बैठता है। ऐसे छात्रों को स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशंस के तहत FMGE पास करने के बाद ऑनसाइट कंपनसेशन क्लासेस पूरी करनी होंगी। वहीं, 2021 के बाद एडमिशन वाले ‘कंपल्सरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप’ (CRMI) 2021 के दायरे में आएंगे और उन्हें भारत में 1 वर्ष की इंटर्नशिप करनी होगी।
NMC ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों व मेडिकल कॉलेजों को पत्र भेजा है, जिसमें डॉ. राघव लैंगर ने स्पष्ट किया कि बिना प्रमाणित कंपनसेशन सर्टिफिकेट के रजिस्ट्रेशन अस्वीकार होगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बाधा
पहले FMGs को रजिस्ट्रेशन में असमंजस था- कईयों को राज्य चिकित्सा परिषदों ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट्स खारिज कर दिए। अब नया नोटिस इस समस्या का समाधान देता है, लेकिन शर्त के साथ। सभी ट्रेनिंग पूरी होने पर ही डॉक्टरी प्रैक्टिस की अनुमति मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में 4,490 CRMI सीटें उपलब्ध हैं, जो छात्रों के लिए राहत हैं, लेकिन देरी से कोर्स 9 वर्ष तक लंबा खिंच सकता है।
छात्रों व विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
विदेश से MBBS करने वाले छात्र परेशान हैं। अलीगढ़ के JN मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मरीजों की सुरक्षा व शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी है। एक FMG ने बताया, “हमने विदेशी यूनिवर्सिटी से डिग्री ली, लेकिन अब अतिरिक्त साल लगेंगे।” NMC की वेबसाइट पर लिस्टेड कॉलेजों में आवेदन करें।
FMGs तत्काल अपनी यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन पीरियड का प्रमाण लें और राज्य परिषदों से संपर्क करें। यह फैसला लंबे समय में डॉक्टरों की क्षमता मजबूत करेगा। छात्र सतर्क रहें- NMC अपडेट्स चेक करते रहें।









