
यह बिहार सरकार की नई छोटी नर्सरी योजना तो सुनकर दिल खुश हो गया न? रोजगार की तलाश में भटकते लोगों के लिए ये एकदम सही मौका है। गांव हो या शहर, थोड़ी सी जमीन पर पौधों की नर्सरी लगाकर अच्छी कमाई हो सकती है। आज हम इसी योजना की पूरी डिटेल बताएंगे, साथ ही बिना सरकारी मदद के भी नर्सरी कैसे शुरू करें, ये सब आसान भाषा में समझाएंगे। चलिए, शुरू करते हैं।
योजना क्या है और क्यों लॉन्च हुई?
दोस्तों, बिहार सरकार ने हरियाली फैलाने और नौकरियां पैदा करने के चक्कर में एक कमाल की स्कीम चला दी है – छोटी नर्सरी योजना। ये एकीकृत बागवानी विकास मिशन का हिस्सा है। सोचिए, आप अपने घर के आंगन या छोटे से प्लॉट पर फल, फूल, छायादार या जड़ी-बूटी वाले पौधों की नर्सरी लगा लें। सरकार आपको भारी सब्सिडी देगी, ताकि कम लागत में बिजनेस शुरू हो जाए। बिहार में ज्यादातर लोग खेती पर ही निर्भर हैं, लेकिन धान-गेहूं से पेट नहीं भरता। इसलिए सरकार चाहती है कि किसान बागवानी की तरफ मुड़ें। इससे पौधों का उत्पादन बढ़ेगा और आपकी जेब भी भरेगी।
आम आदमी को क्या-क्या फायदे?
ये योजना तो आम लोगों के लिए वरदान है भाई। सबसे बड़ा फायदा – कम पैसे में अपना काम शुरू। 5-10 डिसमिल जमीन या घर के आंगन से ही नर्सरी लग जाती है। महिलाएं, जो स्वयं सहायता समूह चलाती हैं, या बेरोजगार युवा घर बैठे कमाई कर सकते हैं। ऊपर से सरकारी ट्रेनिंग, अच्छे पौधे और सब्सिडी मिलेगी। पर्यावरण को भी फायदा – ज्यादा हरियाली, कम प्रदूषण। कल्पना करो, सुबह उठो, पौधों को पानी दो, दोपहर में बाजार में बेचो, और शाम को बैंक में पैसे आ जाएं। कितना मजा आएगा न!
सब्सिडी की डिटेल
अब सबसे दिलचस्प हिस्सा – पैसे की बात। सरकार ने प्रति हेक्टेयर 20 लाख रुपये की कुल लागत तय की है। इसमें से 50% यानी 10 लाख तक की सब्सिडी आपको मिलेगी। पहली किस्त में 60% (6 लाख रुपये) तुरंत, और बाकी 40% (4 लाख) काम पूरा होने पर। ये सारा पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से आपके बैंक खाते में आएगा। आवेदन की लास्ट डेट 25 जनवरी है, तो देर न करें। जितनी जल्दी अप्लाई करेंगे, उतनी जल्दी फायदा।
पौधे कहां से लाएं आसान तरीके
नर्सरी लगानी है तो अच्छे पौधे चाहिए न? सरकारी नर्सरी से लो – जिला उद्यान विभाग या वन विभाग के पास मिल जाएंगे। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) बेस्ट ऑप्शन है, क्वालिटी टॉप क्लास। ब्लॉक या पंचायत स्तर पर भी लोकल सप्लाई होती है। शुरुआत में थोड़े पौधे लो, जैसे आम, अमरूद, नींबू, पपीता, गुलाब, गेंदा या तुलसी। ये जल्दी बढ़ते हैं और अच्छे दाम मिलते हैं।
नर्सरी कैसे लगाएं?
चलिए, हाथ में आटा गूंथते हैं। पहले जगह चुनो – घर का आंगन, खेत का किनारा या खाली प्लॉट। फिर पॉलीबैग या गमले में बीज बो दो। ऊपर से जाली लगाकर छाया दो, रोज पानी दो, हल्की खाद डालो। 2-3 महीने में पौधे बिकने लायक हो जाएंगे। बेचना आसान – लोकल बाजार, किसान भाइयों को, सरकारी प्रोजेक्ट्स या ठेकेदारों को। शुरुआत में 10-20 हजार लगेंगे, लेकिन कमाई महीने के 20-50 हजार तक हो सकती है। मेहनत करो, तो सालाना लाखों कमा लो।
आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन सब कुछ है, घबराओ मत। बिहार उद्यान निदेशालय की वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाओ। ‘छोटी नर्सरी की स्थापना’ लिंक क्लिक करो। फॉर्म भरों, आधार, जमीन के कागज, बैंक डिटेल अपलोड करो। जमा करो, फिर जिला टीम चेक करेगी। पास हो गए तो पैसा आ जाएगा। आसान है न?
बिहार की ये स्कीम जिंदगी बदल सकती है। बिना सरकारी मदद के भी शहरों में नर्सरी चला सकते हो। थोड़ी सी मेहनत, थोड़ा धैर्य – और बस, कमाई का झरना बहने लगेगा। अगर आप गांव में हैं, तो आज ही ट्राई करो।









