
डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत अब सरकारी राशन की व्यवस्था को भी पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि सही लोगों तक अनाज पहुँच सके। इसी क्रम में सरकार ने अब सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) करवाना अनिवार्य कर दिया है।
विशेष रूप से बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए साफ कह दिया है कि यदि लाभार्थी तय समय सीमा के भीतर अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें भविष्य में राशन मिलना बंद हो जाएगा। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी को रोका जा सके और केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिले।
क्या है ई-केवाईसी और राशन कार्ड के लिए यह क्यों है जीवनदान?
ई-केवाईसी का मतलब है ‘इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर’। यह एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसके जरिए राशन कार्ड धारक की पहचान को डिजिटल रूप से सत्यापित किया जाता है। इसमें व्यक्ति को डीलर के पास जाकर अपना आधार नंबर देना होता है और मशीन पर अंगूठा (Biometric) लगाना होता है।
यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे सिस्टम में मौजूद ‘भूतिया’ या फर्जी कार्डों की पहचान हो जाती है। कई बार ऐसे लोगों के नाम पर भी राशन उठ रहा होता है जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो उस पते पर रहते ही नहीं। ई-केवाईसी यह सुनिश्चित करती है कि सरकारी अनाज केवल उसी व्यक्ति को मिले जिसका नाम कार्ड में दर्ज है। बिहार जैसे राज्यों में इसे अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और गरीब परिवारों के हक को सुरक्षित करना है।
28 फरवरी 2026 है आखिरी मौका
बिहार सरकार ने इस कार्य को पूरा करने के लिए 28 फरवरी 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की है।
- नतीजा: यदि इस तारीख तक आपके परिवार के किसी भी सदस्य की केवाईसी अपडेट नहीं होती है, तो मार्च 2026 से उस सदस्य के हिस्से का अनाज मिलना बंद हो जाएगा।
- खतरा: यदि पूरे परिवार की केवाईसी नहीं होती है, तो पूरा राशन कार्ड ही ‘इनएक्टिव’ (निष्क्रिय) किया जा सकता है।
कैसे कराएं ई-केवाईसी? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराना बेहद सरल है और इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
- आप अपने क्षेत्र की किसी भी जन वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन की दुकान पर जाएं।
- अपने साथ राशन कार्ड और परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड जरूर ले जाएं।
- दुकानदार अपनी ई-पीओएस (e-POS) मशीन में आपका आधार नंबर फीड करेगा, जिसके बाद आपको अपनी उंगलियों के निशान (Fingerprint) देने होंगे।
- यह पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। किसी भी दुकानदार को इसके लिए पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
एक जरूरी चेतावनी
कई लोग यह समझते हैं कि घर का मुखिया जाकर सबकी केवाईसी करा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। ई-केवाईसी के लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य का राशन दुकान पर भौतिक रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है, क्योंकि मशीन पर हर व्यक्ति का अपना बायोमेट्रिक (अंगूठा) लगेगा।









